Gold Silver rate Today: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने-चांदी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। बुधवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाते हुए सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे सोने-चांदी की मांग तेज हो गई।
कारोबारी सत्र में बुधवार के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,58,339 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 3,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम का नया शिखर छू लिया। खबर लिखे जाने तक सुबह करीब 11:50 बजे सोना 7,363 रुपये यानी 4.89 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,57,928 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। चांदी भी 10,499 रुपये यानी 3.24 प्रतिशत उछलकर 3,34,171 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।
केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने-चांदी ने नई ऊंचाइयों को छुआ। कॉमेक्स पर सोना 4,849 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतें 92.5 डॉलर से 95.7 डॉलर प्रति औंस के दायरे में बनी रहीं, जो इसकी मजबूत मांग को दर्शाता है।
कीमती धातुओं में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और यूरोप (US-EU) के बीच बढ़ता व्यापारिक तनाव माना जा रहा है। खबरों के मुताबिक, अमेरिका फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी में है, जिसे जून तक बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया जा सकता है। इसके जवाब में यूरोपीय देशों ने भी अमेरिका के खिलाफ जवाबी कदम उठाने के संकेत दिए हैं। इस ट्रेड वॉर (Trade War) की आशंका ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी की संभावना और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव ने भी सोने-चांदी को समर्थन दिया है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, जापान के बॉन्ड बाजार में बिकवाली और भारतीय रुपये की कमजोरी ने निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर आकर्षित किया है।
पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन का मानना है कि चांदी की मध्यम और लंबी अवधि की तस्वीर बेहद मजबूत है। सप्लाई की कमी और इंडस्ट्रियल डिमांड में तेजी के चलते 2026 तक चांदी की कीमतें 110 से 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। एमसीएक्स पर चांदी के लिए 3,30,000 से 3,32,000 रुपये प्रति किलो का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि आने वाले महीनों में यह 3,35,000 से 3,50,000 रुपये प्रति किलो तक जा सकती है।
सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग ने भी सोने-चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, महंगाई से बचाव की जरूरत और आसान मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी कीमती धातुओं को सपोर्ट कर रही हैं।
अन्य प्रमुख खबरें
LPG Price Hike: आम आदमी को तगड़ा झटका, LPG गैस सिलेंडर 115 रुपये हुआ महंगा, जानें नया रेट
Middle East Tension से चमका Gold-Silver: निवेशकों ने जोखिम से बनाई दूरी, सुरक्षित निवेश पर जोर
Global Tension का असर: गिरावट के साथ खुला Share Market, सेंसेक्स 300 अंक टूटा, IT Share बने सहारा
Israel Iran War: एन चंद्रशेखरन ने बताया भारत पर कितना पड़ेगा इस युद्ध का असर
SEBI के लिए 2026 ‘Year of Reform’: ट्रस्ट, ट्रांसपेरेंसी, टीमवर्क और टेक्नोलॉजी पर फोकस
01 मार्च 2026 से बदलेंगे जेब के समीकरण: LPG से UPI तक नए नियम लागू, जेब पर पड़ेगा असर
CEA Big statement: भारत बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
March 2026 Bank Holiday List: 18 दिन बंद रहेंगे बैंक, 12 दिन थमेगा शेयर बाजार
Bullion Market News Update: Gold price 230 रुपये तक फिसला, Silver rate स्थिर