Gold Silver price rise: इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान एक बार फिर बुलियन मार्केट की ओर गया है। सुरक्षित निवेश के रूप में माने जाने वाले इन कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतें बाजार में नई हलचल पैदा कर रही हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,46,608 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो पिछले सप्ताह 1,42,942 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह एक सप्ताह के भीतर सोने में 3,666 रुपये प्रति 10 ग्राम की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिर्फ 24 कैरेट ही नहीं, अन्य कैटेगरी में भी सोने की कीमतों में तेजी साफ देखी गई। 22 कैरेट सोना बढ़कर 1,34,293 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जो पहले 1,30,935 रुपये था। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत भी 1,07,207 रुपये से बढ़कर 1,09,130 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। यह संकेत देता है कि सोने की मांग सभी श्रेणियों में मजबूत बनी हुई है।
चांदी की बात करें तो इस सप्ताह इसकी रफ्तार सोने से भी तेज रही। चांदी की कीमत में 6,166 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई, जिसके बाद यह 2,27,813 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह यह 2,21,647 रुपये प्रति किलो थी। चांदी का यह स्तर बाजार में मजबूत तेजी का संकेत दे रहा है। हाजिर बाजार में भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 1 अप्रैल को 24 कैरेट सोने ने 1,50,853 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ, जो इस सप्ताह का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा। वहीं, 2 अप्रैल को इसका न्यूनतम स्तर 1,46,608 रुपये रहा। इसी तरह चांदी ने 1 अप्रैल को 2,39,836 रुपये प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया, जबकि 2 अप्रैल को यह गिरकर 2,24,660 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का भाव 4,702 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 73 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है, जो मजबूत रुझान का संकेत देता है। इसके अलावा, हाल ही में आए त्योहारों के कारण बुलियन मार्केट में गतिविधियां थोड़ी सीमित रहीं। 31 मार्च को महावीर जयंती और 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के चलते बाजार दो दिन बंद रहा, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ा। हालांकि, बाजार खुलने के बाद तेजी का रुख और स्पष्ट हो गया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं, डॉलर की चाल और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर भी सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है। जब भी वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे इनके दाम बढ़ जाते हैं। आने वाले दिनों में भी इन धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और रणनीतिक निवेश का है। वहीं, ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बढ़ती कीमतें चिंता का कारण बन सकती हैं।
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