Gold Silver prices today: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का बजट 2026 पेश होने के बाद से ही सर्राफा बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। यहां सोना और चांदी दोनों ही धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट का सिलसिला जारी है। बजट में सोना-चांदी को लेकर किसी तरह की बड़ी राहत या नई घोषणा नहीं होने के बावजूद कमोडिटी मार्केट में दबाव साफ दिखाई दे रहा है। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी ने बाजार की दिशा नीचे की ओर मोड़ दी है।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। आज दोपहर 12 बजे तक फरवरी डिलीवरी वाला सोना 5,719 रुपये यानी करीब 4.02 फीसदी टूटकर 1,36,498 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। चांदी 23,908 रुपये सस्ती होकर 2,41,744 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई, जो लगभग 9 फीसदी की गिरावट को दर्शाता है।
चांदी ने हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई छुई थी, लेकिन अब वहां से जोरदार गिरावट देखने को मिल रही है। अपने उच्चतम स्तर से चांदी करीब 1.79 लाख रुपये तक टूट चुकी है। चांदी की कीमतों में बीते तीन दिन से लगातार हो रही गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने ऊपरी स्तरों पर खरीदारी की थी।
सोना भी इस दबाव से अछूता नहीं रहा। हाल ही में 1.37 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा सोना अब निचले स्तरों की ओर खिसक गया है। जानकारों के मुताबिक, ऊंचे भाव पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों पर दबाव और बढ़ गया।
वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिली। सोमवार की शुरुआती ट्रेडिंग में अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4 फीसदी तक गिर गया, जबकि चांदी में भी लगभग इतनी ही गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, पहले 12 फीसदी तक टूटने के बाद चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रही। इससे पहले चांदी ने पिछले एक दशक की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की थी, जिससे बाजार में हलचल तेज हो गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया गिरावट के पीछे कई कारण हैं। जनवरी महीने में वैश्विक तनाव, कमजोर होती मुद्राएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के चलते निवेशकों ने सोने-चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर खरीदा था। इससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। लेकिन अब परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं।
इस गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका से जुड़ी खबर मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फेडरल रिजर्व के चेयर के रूप में केविन वॉर्श को नामित करने की योजना बना रहे हैं। इस खबर के बाद अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे कमजोर डॉलर की उम्मीद कर रहे निवेशकों की रणनीति बदल गई और सोने-चांदी में तेज बिकवाली शुरू हो गई।
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