India LPG import : केंद्र सरकार ने मंगलवार को देश में एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति को लेकर बड़ा भरोसा दिलाया है। सरकार के अनुसार भारत ने अब अमेरिका सहित कई देशों से एलपीजी आयात करना शुरू कर दिया है, जिससे आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देश के किसी भी हिस्से से एलपीजी की कमी या वितरण बाधित होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत पारंपरिक रूप से खाड़ी देशों से एलपीजी आयात करता रहा है, लेकिन वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी बाजार से एलपीजी आयात शुरू करना इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित हो सके। शर्मा के अनुसार, “हमारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से एलपीजी खरीदना शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि आपूर्ति के स्रोत बढ़ाए जाएं ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो।” उन्होंने यह भी बताया कि इस विविधीकरण के कारण कच्चे तेल की उपलब्धता भी बेहतर हुई है।
देश में एलपीजी की मांग को लेकर भी स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण लोगों में घबराहट देखी गई थी, जिससे बुकिंग में अचानक उछाल आया था। 13 मार्च को जहां करीब 89 लाख सिलेंडर बुक किए गए थे, वहीं अब यह संख्या घटकर 70 लाख के आसपास आ गई है। इससे संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं में विश्वास बहाल हो रहा है। वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति भी राज्यों द्वारा वितरण कार्य दोबारा शुरू किए जाने के साथ आंशिक रूप से बहाल हो गई है। होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक इकाइयों को अब धीरे-धीरे सामान्य आपूर्ति मिलनी शुरू हो गई है। इसके अलावा, घरेलू खपत पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग भी बढ़ाया जा रहा है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। एलपीजी रिफिल वितरण दर भी संघर्ष से पहले जैसी ही बनी हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल रहे हैं। सुजाता शर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराकर अतिरिक्त बुकिंग या जमाखोरी न करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियां बनी हुई हैं। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा, जो इस सप्ताह पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला दूसरा टैंकर है। इससे पहले ‘शिवालिक’ मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा था। ये दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आए, जहां ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव के कारण समुद्री मार्ग जोखिमपूर्ण बना हुआ है। इन चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने में सफलता हासिल की है, जो सरकार की रणनीतिक तैयारी और वैश्विक साझेदारियों को दर्शाता है।
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