100 Percent Ethanol fuel approval: भारत में ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने की घोषणा की है। इस फैसले का उद्देश्य देश की आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक, पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना है।
नागपुर में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने बताया कि उन्होंने शनिवार रात 8 बजे संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कर 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को कानूनी रूप से स्वीकृति देने वाले नियमों को अंतिम रूप दे दिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत के ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देगा और पेट्रोलियम आयात पर होने वाले भारी खर्च को कम करने में मदद करेगा।
गडकरी के अनुसार, एथेनॉल पेट्रोल का एक व्यवहारिक और किफायती विकल्प बन सकता है। भारत हर वर्ष करोड़ों डॉलर मूल्य का कच्चा तेल आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ता है। यदि वाहनों में एथेनॉल का व्यापक उपयोग शुरू होता है तो न केवल आयात बिल घटेगा बल्कि किसानों को भी अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे, क्योंकि एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है।
गडकरी ने स्वीकार किया कि जब उन्होंने पहली बार एथेनॉल आधारित ईंधन प्रणाली का विचार रखा था, तब कई लोगों ने इसका मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि कुछ मित्रों और विशेषज्ञों ने इसकी आलोचना भी की थी, लेकिन उन्हें विश्वास था कि यह पहल भविष्य में भारत के लिए लाभकारी साबित होगी। अब जब 100 प्रतिशत एथेनॉल को मंजूरी मिल गई है, तो उनका यह सपना वास्तविकता में बदलता दिखाई दे रहा है।
सरकार के इस फैसले के बाद ऑटोमोबाइल उद्योग भी तेजी से तैयारियां कर रहा है। गडकरी ने बताया कि आने वाले डेढ़ महीने के भीतर टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन, एमजी मोटर और हुंडई मोटर कंपनी जैसी प्रमुख कंपनियां 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने वाले वाहन बाजार में उतार सकती हैं। इससे उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ईंधन विकल्प उपलब्ध होंगे और हरित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
हाल ही में केंद्र सरकार ने ई85 ईंधन भी लॉन्च किया है, जो केवल ई85-कम्पैटिबल फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए उपलब्ध होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने बताया कि भारत ने एथेनॉल ब्लेंडिंग के अपने लक्ष्यों को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया है। वर्ष 2014 में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण केवल 1.5 प्रतिशत था, जो नवंबर 2022 में 10 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं 20 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे 2024 में ही हासिल कर लिया गया।
सरकार एथेनॉल आधारित ईंधन प्रणाली को सफल बनाने के लिए उद्योग जगत, ऑटोमोबाइल कंपनियों और विभिन्न संगठनों के साथ लगातार चर्चा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुनियादी ढांचे और वाहन तकनीक का विकास तेजी से होता है तो भारत आने वाले वर्षों में वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में वैश्विक उदाहरण बन सकता है।
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