Middle East Tensions: मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक हवाई यात्रा पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी परिदृश्य में Air India ने एक बड़ा कदम उठाते हुए यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए 36 अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की घोषणा की है। यह निर्णय यात्रियों की बढ़ती मांग और सीमित हो रही अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
एयरलाइन के मुताबिक, ये अतिरिक्त उड़ानें 19 मार्च से 28 मार्च के बीच संचालित की जाएंगी। इस दौरान दिल्ली और मुंबई से लंदन (हीथ्रो), टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और ज्यूरिख जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। इस विस्तार से करीब 10,000 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
एयर इंडिया ने जिन प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त उड़ानें जोड़ने का फैसला किया है, उनमें शामिल हैं:
दिल्ली – लंदन (हीथ्रो)
मुंबई – लंदन (हीथ्रो)
दिल्ली – फ्रैंकफर्ट
दिल्ली – ज्यूरिख
दिल्ली – टोरंटो
एयरलाइन का कहना है कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मार्गों पर दबाव बढ़ गया है और कई देशों के एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण सामान्य संचालन प्रभावित हुआ है।
गौरतलब है कि एयर इंडिया इससे पहले भी 10 मार्च से 18 मार्च के बीच 78 अतिरिक्त उड़ानों के संचालन का ऐलान कर चुकी है। अब नए फैसले के साथ कुल अतिरिक्त उड़ानों की संख्या में और इजाफा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है।
इन अतिरिक्त उड़ानों के लिए टिकट बुकिंग धीरे-धीरे शुरू की जा रही है। यात्री एयर इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और अधिकृत ट्रैवल एजेंट्स के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। एयरलाइन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि उन्हें बेहतर विकल्प और किराए मिल सकें।
इस फैसले के पीछे एक और अहम कारण नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा दी गई अस्थायी छूट भी है। दरअसल, ईरान क्षेत्र में तनाव के चलते कई एयरलाइंस को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ानों का समय और लागत दोनों बढ़ गई हैं। ऐसे में डीजीसीए ने लंबी दूरी की उड़ानों के लिए किराया नियमों में ढील दी है, ताकि एयरलाइंस अपने संचालन को सुचारू रूप से जारी रख सकें।
इस बीच, देश की दूसरी प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने भी अपने नेटवर्क में बदलाव की घोषणा की है। कंपनी 16 मार्च से 28 मार्च के बीच पश्चिम एशिया के लिए 252 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी। हालांकि, कुछ गंतव्यों जैसे दोहा, कुवैत, बहरीन, दम्माम, फुजैरा, रस अल खैमाह और शारजाह के लिए सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर भारत जैसे देशों पर अधिक पड़ रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में यात्री इन क्षेत्रों के जरिए यूरोप और अमेरिका की यात्रा करते हैं। ऐसे में एयर इंडिया का यह कदम यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है।
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