वैश्विक मजबूती का असर: Indian Share Market हरे निशान में, IT शेयरों ने पकड़ी रफ्तार

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही, जिसमें आईटी सेक्टर ने नेतृत्व किया। वैश्विक संकेतों और फेड के फैसले से पहले निवेशकों में सतर्क आशावाद दिख रहा है। हालांकि एफआईआई की बिकवाली चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन डीआईआई के मजबूत निवेश ने बाजार को संतुलन दिया है। आने वाले सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करेंगे।

वैश्विक मजबूती का असर: Indian Share Market हरे निशान में, IT शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
खबर विस्तार : -

Indian Stock Market Updates: मजबूत वैश्विक संकेतों के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में खुलने में सफल रहे। सुबह करीब 9:22 बजे, सेंसेक्स 353.78 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,424.62 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, वहीं निफ्टी 112.70 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,698 के स्तर पर पहुंच गया।

टॉप गेनर के रूप में उभरा IT Index

देश में आज शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान आईटी सेक्टर ने सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई। निफ्टी आईटी इंडेक्स टॉप गेनर के रूप में उभरा, जिसमें प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखी गई। यह तेजी वैश्विक टेक सेक्टर में सुधार और डॉलर के स्थिर रहने से जुड़ी मानी जा रही है। आईटी के अलावा ऑटो, मीडिया, इंफ्रास्ट्रक्चर, कंजंप्शन, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, डिफेंस, सर्विसेज, हेल्थकेयर, पीएसई, रियल्टी और फार्मा सेक्टर भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, बाजार में हर सेक्टर में तेजी नहीं थी। मेटल और कमोडिटी इंडेक्स में दबाव देखने को मिला, जो वैश्विक कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और मांग को लेकर अनिश्चितता के कारण कमजोर बने रहे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी का जोर

बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 544 अंकों (0.99 प्रतिशत) की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह 55,718 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह स्मॉलकैप इंडेक्स में भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जो निवेशकों के व्यापक भरोसे को दर्शाता है। सेंसेक्स के शेयरों में कई प्रमुख कंपनियां गेनर्स की सूची में शामिल रहीं। आईटी सेक्टर की कंपनियों के साथ-साथ ऑटो, बैंकिंग और इंफ्रा कंपनियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, कुछ बड़े बैंकिंग और मेटल शेयरों में गिरावट देखी गई, जिससे बाजार की तेजी थोड़ी सीमित रही।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल

वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में टोक्यो, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई और हांगकांग में हल्की गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा है। इस तेजी के पीछे एक बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी है, जिसका फैसला आज आने वाला है। ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। 17 मार्च से शुरू हुई इस दो-दिवसीय बैठक पर दुनियाभर के निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। इसके अलावा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान से जुड़े घटनाक्रम, भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। निवेश प्रवाह की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। मंगलवार को एफआईआई ने 4,741.22 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII)  ने 5,225.32 करोड़ रुपये का निवेश कर बाजार को सहारा दिया।

 

 

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