Coal Mining: भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने में जुटी सरकार
खबर सार :-
कोयला मंत्रालय ने गुरुवार 24 अप्रैल को भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने के लिए नए सुधारों का ऐलान कर दिया है, जो कि पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भूमिगत कोयला खनन से खुले खदानों में खनन की तुलना में सतह पर काफी कम बाधाएं उत्प
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ऊर्जा के विभिन्न वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने में जुटी हुई है। इसी क्रम में कोयला मंत्रालय ने गुरुवार 24 अप्रैल को भूमिगत कोयला खनन को बढ़ावा देने के लिए नए सुधारों का ऐलान कर दिया है, जो कि पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भूमिगत कोयला खनन से खुले खदानों में खनन की तुलना में सतह पर काफी कम बाधाएं उत्पन्न होती हैं।
विकसित होगा एआई आधारित सुरक्षा तंत्र
कोयला मंत्रालय की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंत्रालय ने एडंवास टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए परिवर्तनकारी नीतिगत उपायों की एक सीरिज शुरू की जा रही है, जिसमें निरंतर माइनर्स, लॉन्गवॉल सिस्टम, रिमोट सेंसिंग टूल्स और एआई-आधारित सुरक्षा तंत्र शामिल रहेगा, जो इकोसिस्टम का संतुलन सुनिश्चित करने के साथ ही उत्पादकता को बढ़ावा देने का काम करेगा। यह भी जानकारी दी गई कि कोयला खनन से जुड़े बड़े सुधार उच्च पूंजी निवेश और लंबी निर्माण अवधि जैसी पारंपरिक चुनौतियों का समाधान करेंगे। नए सुधार सतत विकास के व्यापक दृष्टिकोण के साथ तालमेल बिठाते हुए कोयला इकोसिस्टम को आधुनिक बनाने के सरकार के संकल्पों की पुष्टि भी करते रहेंगे।
प्रोत्साहन के लिए मजबूत पैकेज की शुरुआत
कोयला खनन से जुड़े नये सुधारों के अंतर्गत भूमिगत कोयला खनन के विकास को गति देने के लिए प्रोत्साहनों का एक मजबूत पैकेज शुरू किया गया है। इसमें भूमिगत कोयला खदानों के लिए राजस्व हिस्सेदारी के न्यूनतम प्रतिशत को 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करना शामिल है। यह टारगेटेड कटौती पर्याप्त राजकोषीय राहत प्रदान करती है और भूमिगत परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता को बढ़ाती है। वहीं, दूसरी तरफ भूमिगत खनन के लिए अनिवार्य एडवांस पेमेंट की आवश्यकता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। यह उपाय एक बड़ी वित्तीय बाधा को दूर करता है और निजी क्षेत्र से व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है और परियोजना के तेजी से क्रियान्वयन की सुविधा प्रदान करता है। विभागीय अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह सुधार निवेश-अनुकूल और नई तकनीक के माध्यम से संचालित कोयला क्षेत्र को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है। भूमिगत खनन को प्रोत्साहित करके, सरकार न केवल आर्थिक विकास को गति दे रही है, बल्कि इंडस्ट्री को अधिक दक्षता, सुरक्षा और रोजगार सृजन की दिशा में ले जाने का काम भी बखूबी कर रही है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
फास्टैग एनुअल पास ने पार किया एक करोड़ यूजर्स का आंकड़ा
2026-09-28
-
मेक इन इंडिया के 12 साल, इलेक्ट्रॉनिक्स-मोबाइल उत्पादन में उछाल
2026-09-25
-
NSE शेयरों में लिस्टिंग के दूसरे दिन मुनाफावसूली, 1.6% तक फिसला भाव
2026-09-25
-
IRDAI के नए नियमों से बदलेगा बीमा बाजार, कमीशन पर लगेगी लगाम
2026-09-25
-
मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच चढ़ा बाजार, सेंसेक्स 73,700 पार
2026-09-25
-
त्योहारों से पहले खाद्य तेल सस्ता! सरकार ने घटाया आयात शुल्क
2026-09-24
-
बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगे बैंक, ग्राहकों को राहत
2026-09-24
-
सरकार का दावाः दशहरा-दीपावली पर काबू में रहेंगे चीनी के दाम!
2026-09-24
-
गांव-गांव PhonePe की पहुंच, 20 हजार भर्तियां और 50 लाख डिवाइस
2026-09-24
-
यूपीआई का ग्लोबल जलवा, हर महीने 20 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन
2026-09-24
-
एसोचैम का TIPS लॉन्च, व्यापार-निवेश और निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार
2026-09-24
-
रुपये को मिलेगी मजबूती की राह! CAD घटने और FTA से बढ़ेंगे नए अवसर
2026-09-24
-
ग्लोबल झटकों से सेंसेक्स 628 अंक टूटा; फाइनेंशियल शेयर धड़ाम
2026-09-24
-
FSSAI की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई
2026-09-23
-
वैश्विक कर नियमों के निर्धारण में ब्रिक्स देशों की भूमिका हो और मजबूत
2026-09-23