नई दिल्लीः वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और नई टेक्नोलॉजी की मौजूदगी के कारण बाजार में अनेकों बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इस बीच केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए विनियमन और स्वतंत्रता के बीच सही संतुलन होने को जरूरी बताया है। साथ ही कारोबार से जुड़े नियामक से बाजार में होने वाले बदलावों का अनुमान लगाने और प्रासंगिक बने रहने का आग्रह भी किया।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी सीसीआई के 16वें वार्षिक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नियामक ढांचे को ऐसे विलयों के लिए त्वरित अनुमोदन की सुविधा प्रदान करनी चाहिए, जो प्रतिस्पर्धी प्रथाओं को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने बाजार में होने वाले सभी प्रमुख बदलावों का पूर्वानुमान लगाने और निष्पक्ष व्यवहार को बढ़ावा देने में सीसीआई की भूमिका पर भी जोर दिया।
सीतारमण ने कहा कि कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़े जो भी नियम जरूरी हैं, उन विनियमनों को तेजी से मंजूरी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जहां प्रतिस्पर्धा को किसी भी तरह का खतरा न हो। इस कार्यक्रम में सार्वजनिक खरीद अधिकारियों यानी पीपीओ के लिए एक नया डायग्नोस्टिक टूलकिट और संयोजनों से निपटने के बारे में एफएक्यू भी जारी किया गया, जिससे उत्तरदायी और प्रभावी प्रतिस्पर्धा विनियमन की आवश्यकता की पुष्टि हुई।
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