बजट 2026 का असर: F&O में STT बढ़ते ही शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 800 अंक टूटा

खबर सार :-
बजट में F&O सेगमेंट पर STT बढ़ाने का फैसला अल्पकाल में शेयर बाजार के लिए नकारात्मक साबित हुआ है। इससे ट्रेडिंग महंगी हुई और निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ी। हालांकि PIO को निवेश की मंजूरी जैसे सकारात्मक कदम लंबी अवधि में बाजार को सहारा दे सकते हैं। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

बजट 2026 का असर: F&O में STT बढ़ते ही शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 800 अंक टूटा
खबर विस्तार : -

Budget 2026: केंद्रीय बजट में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के तहत सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के ऐलान ने शेयर बाजार को जोरदार झटका दिया है। सरकार ने F&O में प्रीमियम की खरीद-बिक्री पर STT को 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले बजट में भी STT में इजाफा किया गया था। लगातार दूसरी बार टैक्स बढ़ने से ट्रेडर्स और निवेशकों में चिंता का माहौल है, जिसका सीधा असर बाजार की चाल पर देखने को मिल रहा है।

सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

STT बढ़ोतरी के ऐलान के बाद शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स में करीब 800 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 82,000 के नीचे कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 250 अंक टूटकर 25,000 के करीब फिसल गया। कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ते टैक्स बोझ के कारण निवेशकों ने जोखिम लेने से दूरी बना ली।

मेटल शेयरों में भारी दबाव

बाजार खुलते ही मेटल सेक्टर में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में करीब 10 फीसदी, हिंदुस्तान कॉपर में 18 फीसदी से ज्यादा और हिंदुस्तान एल्युमिनियम में लगभग 5 फीसदी की गिरावट आई। वहीं हिंडाल्को के शेयर भी 7 फीसदी तक टूट गए। वेदांता और हिंदुस्तान जिंक जैसे बड़े नामों में बिकवाली से पूरे सेक्टर पर दबाव बना।

क्या है STT और क्यों अहम है?

STT यानी सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स वह कर है, जो शेयर बाजार में किसी भी एसेट की खरीद या बिक्री पर लगाया जाता है। सरकार का तर्क है कि इससे राजस्व बढ़ता है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार STT बढ़ाने से ट्रेडिंग लागत बढ़ती है, खासकर F&O सेगमेंट में। इस बार प्रीमियम आधारित सौदों पर टैक्स बढ़ने से शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग प्रभावित हो सकती है।

विदेशी निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान

बजट में शेयर बाजार को लेकर एक सकारात्मक घोषणा भी की गई। अब PIO यानी भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारतीय शेयर बाजार में निवेश की अनुमति दी गई है। इससे आने वाले समय में विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में यह कदम बाजार के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

किन शेयरों में रही चाल?

बीएसई टॉप 30 में से 18 शेयरों में तेजी और 12 में गिरावट दर्ज की गई। टाटा स्टील, इंफोसिस, एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस के शेयर दबाव में रहे। वहीं सन फार्मा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में 1.5 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।

डिफेंस शेयरों में चमक

जहां एक ओर बाजार लाल निशान में रहा, वहीं डिफेंस शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। BEL के शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़े। मझगांव डॉक, कोचिन शिपयार्ड, HAL, PTC इंडिया और डेटा पैटर्न जैसे शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखी गई।

सेक्टरवार हाल

ऑटो, फार्मा, FMCG और बैंकिंग सेक्टर को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर्स में करीब 1 फीसदी की गिरावट रही। PSU बैंक शेयरों में भी दबाव बना रहा। हालांकि मेटल स्टॉक्स में दिन के निचले स्तर से रिकवरी आई और कुछ शेयर हरे निशान में लौटते नजर आए।

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