Budget 2026 का काउंटर शुरू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अपना 9वां बजट

खबर सार :-
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इस बजट में इनकम टैक्स और अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े ऐलान होने की उम्मीद है।

Budget 2026 का काउंटर शुरू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी अपना 9वां बजट
खबर विस्तार : -

Budget 2026 Nirmala Sitharaman Speech LIVE: देश का आम बजट 2026-27 आज पेश किया जाएगा। एक बार फिर सबकी निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitharaman ) पर होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। उम्मीद है कि इसमें ग्रोथ की गति बनाए रखने, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और अमेरिकी टैरिफ जैसे ग्लोबल ट्रेड तनाव से अर्थव्यवस्था को बचाने के उद्देश्य से सुधारों की घोषणा की जाएगी। आज़ाद भारत के इतिहास में यह पहली बार है कि बजट रविवार को पेश किया जा रहा है।

बता दें कि यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का 15वां बजट भी होगा। यह 2024 में तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद राष्ट्रीय जननतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दूसरा पूर्ण बजट है। इसके अलावा यह निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) का लगातार नौवां बजट होगा। वह ऐसा करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री भी बन जाएंगी। दरअसल यह बजट ऐसे समय में आया है जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। घरेलू मांग मज़बूत बनी हुई है और महंगाई कुछ कम हुई है, लेकिन वैश्विक माहौल बहुत अनिश्चित बना हुआ है।

Budget 2026 में क्या होगा खास

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अलग-अलग मौद्रिक नीतियां, और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में बढ़ता बिखराव, ये सभी अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इससे बाज़ार में उथल-पुथल मची है, विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं, और रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गया है। अब तक, महत्वपूर्ण आयकर और GST कटौती, बढ़े हुए इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती ने अर्थव्यवस्था को कुछ राहत दी है। हालांकि, टैक्स कटौती से सरकारी राजस्व भी कम हुआ है, जिससे नए बजट में विकास को समर्थन देने के लिए उपलब्ध वित्तीय गुंजाइश कम हो गई है।

Budget 2026 LIVE:  क्या कहते है विशेषज्ञ

इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस आर्थिक विकास दर को गति देने के लिए 'मैन्यूफैक्चरिंग' और 'घरेलू मांग' को बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है। साथ ही इस बजट में इनकम टैक्स और अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े ऐलान होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात के नए अवसर तलाशने के लिए यह रणनीति सबसे प्रभावी साबित होगी। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस साल के बजट में विशेष रूप से रक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, पूंजीगत व्यय, बिजली और किफायती आवास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सामाजिक कार्यक्रमों और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी। 

सरकार का लक्ष्य विकास को बनाए रखना होगा, लेकिन साथ ही, राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखना भी ज़रूरी होगा। सरकार ने धीरे-धीरे फिस्कल डेफिसिट को कम किया है, जो COVID-19 के दौरान 9.2 प्रतिशत तक पहुंच गया था, और 2026 में इसके 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रास्ता ज़्यादा नहीं बदलेगा।

Budget 2026:  मिडिल क्लास वालों का रखा जाएगा ध्यान

जहां 2026 के बजट में मिडिल क्लास की खपत बढ़ाने पर बहुत ज़्यादा ध्यान दिया गया था, वहीं इस बार खपत बढ़ाने की पॉलिसी ज़्यादा सीमित और टारगेटेड हो सकती है। कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स के अनुसार, बजट में ग्रोथ बनाए रखने और फिस्कल डिसिप्लिन के बीच सावधानी से बैलेंस बनाने की संभावना है, साथ ही ग्लोबल राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से आने वाली चुनौतियों से भी निपटा जाएगा।

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