मुंबईः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ बम की वजह से ग्लोबल ट्रेड वार शुरू हो चुका है। दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। खराब वैश्विक संकेतों की वजह से भारतीय शेयर बाजार भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार को चौतरफा बड़ी गिरावट देखी गयी। यहां सुबह 9:35 पर सेंसेक्स 3.12 प्रतिशत यानी 2,381 अंकों की गिरावट के साथ 73,010 पर था, जबकि निफ्टी 3.56 प्रतिशत या 816 अंकों की गिरावट के साथ 22,088 का आंकड़ा छू रहा था। सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस गिरावट की वजह अमेरिका की तरफ से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को माना जा रहा है, जिससे पूरी दुनिया में ट्रेड वार का खतरा बढ़ गया है।
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक लार्ज कैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 4.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48,562 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,855 पर था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सभी इंडेक्स में लाल निशान में ही कारोबार हो रहा है। ऑटो, आईटी, एफएमसीजी, मेटस, रियल्टी, मीडिया और एनर्जी में सबसे अधिक गिरावट आई है। विश्लेषकों के मुताबिक शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पैक में सभी 30 शेयर लाल निशान में थे, जिनमें टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, एचसीएल टेक, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक और एमएंडएम टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल थे। इस संबंध में चॉइस ब्रोकिंग के डेरिवेटिव एनालिस्ट हार्दिक मटालिया ने कहा कि टेक्निकल फ्रंट पर, निफ्टी के दैनिक चार्ट पर कमजोरी देखी गई है। इसकी वजह से रुकावट स्तरों पर इंडेक्स पर भी दबाव देखने को मिल सकता है। इंट्राडे में 22,400 और 22,000 एक सपोर्ट लेवल है, क्योंकि सूचकांक ने ऐतिहासिक रूप से इन क्षेत्रों के आसपास स्थिरता दिखाई है। अधिकांश एशियाई बाजारों में बिकवाली भी देखी गई है। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और हांगकांग में शेयर मार्केट में 11 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
रेसिप्रोकल टैरिफ के कारण 04 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई। डाओ 5.50 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक लगभग 5.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 2.67 प्रतिशत गिरकर 63.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 2.69 प्रतिशत गिरकर 60.31 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
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