लाल निशान में खुला शेयर बाजार: फार्मा स्टॉक्स की गिरावट से बढ़ी निवेशकों की चिंता, आईटी और मेटल शेयरों ने दी सीमित राहत

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है। फार्मा और अन्य सेक्टरों में बिकवाली, साथ ही वैश्विक तनाव ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। हालांकि आईटी और मेटल शेयरों में हल्की मजबूती राहत देती दिखी, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को फिलहाल सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है।

लाल निशान में खुला शेयर बाजार: फार्मा स्टॉक्स की गिरावट से बढ़ी निवेशकों की चिंता, आईटी और मेटल शेयरों ने दी सीमित राहत
खबर विस्तार : -

Bharatiya share Bazaar: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही बाजार पर दबाव साफ नजर आया, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में ट्रेड करते दिखे। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स 241 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,078.49 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी 84.70 अंक यानी 0.37 प्रतिशत फिसलकर 22,628.40 के स्तर पर आ गया।

टॉप लूजर बना फार्मा सेक्टर

बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ा योगदान फार्मा सेक्टर का रहा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर के रूप में सामने आया। इसके अलावा ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, मीडिया, प्राइवेट बैंक, रियल्टी, डिफेंस और इंफ्रा सेक्टर के शेयरों में भी कमजोरी देखी गई, जिससे बाजार का समग्र रुख नकारात्मक बना रहा। हालांकि, कुछ सेक्टर्स ने गिरावट को सीमित करने की कोशिश की। आईटी, मेटल और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, टाइटन, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईटीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और एमएंडएम जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 302.60 अंक यानी 0.59 प्रतिशत गिरकर 53,384 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 96.20 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,549 पर ट्रेड करता नजर आया। यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का माहौल बना हुआ है।

वैश्विक बाजारों का हाल

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की इस कमजोरी के पीछे वैश्विक कारण प्रमुख हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। इस तनाव का असर केवल भारतीय बाजारों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों पर भी देखा जा रहा है। एशियाई बाजारों की बात करें तो टोक्यो और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जकार्ता में गिरावट देखने को मिली। वहीं अमेरिकी बाजार शुक्रवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

कमोडिटी बाजार में भी मिला-जुला रुख

कमोडिटी बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। ब्रेंट क्रूड 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.42 प्रतिशत गिरकर 111.07 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं कीमती धातुओं में गिरावट का रुख बना रहा। सोना 0.25 प्रतिशत गिरकर 4,668 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.95 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72.23 डॉलर प्रति औंस पर रही। कुल मिलाकर, बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं और सेक्टर-विशेष दबाव के चलते बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी।

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