नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में पिछले कई दिनों से उथल-पुथल जारी है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका की सरकार की ओर से टैरिफ लगाया जाना है। ग्लोबल शेयर बाजार से शुक्रवार को मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिससे निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अमेरिकी बाजारों ने पिछले सत्र में मजबूती के साथ कारोबार किया, लेकिन डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में आज मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। यूरोपीय बाजारों में भी पिछले सत्र में मिला-जुला कारोबार रहा, जहां एफटीएसई और डीएएक्स इंडेक्स में गिरावट आई, जबकि सीएसी इंडेक्स में हल्की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजार में वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों ने पिछले सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया। एस एंड पी 500 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत बढ़कर 6,501.86 अंक पर बंद हुआ, वहीं नैस्डैक इंडेक्स ने 115.02 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 21,705.16 अंक के स्तर पर कारोबार खत्म किया। हालांकि, डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में आज 0.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 45,606.92 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजार में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला। एफटीएसई 100 इंडेक्स 0.42 प्रतिशत गिरावट के साथ 9,216.82 अंक पर बंद हुआ, जबकि जर्मन डीएएक्स 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 24,039.92 अंक पर बंद हुआ। दूसरी ओर, फ्रांसीसी सीएसी 40 इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,762.60 अंक पर बंद हुआ।
एशियाई बाजार में भी शुक्रवार को मिला-जुला रुख देखा गया। एशिया के 9 बाजारों में से 5 ने हरे निशान में कारोबार किया, जबकि 4 बाजारों ने गिरावट दर्ज की है। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.18 प्रतिशत गिरकर 42,753 अंक पर कारोबार कर रहा है, वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 3,190.07 अंक पर पहुंच गया। इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स में 1.77 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,269.86 अंक पर कारोबार कर रहा है।
इसके बावजूद, कुछ बाजारों में सकारात्मक रुझान रहा। गिफ्ट निफ्टी में 0.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 24,660.50 अंक पर पहुंचा। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स ने 0.16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3,849.76 अंक का स्तर छुआ। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,168 अंक पर कारोबार कर रहा है। ताइवान वेटेड इंडेक्स ने भी 0.60 प्रतिशत की बढ़त हासिल की और यह 24,382.26 अंक पर पहुंच गया।
इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजारों में थोड़ी अस्थिरता बनी हुई है, लेकिन कुछ बाजारों में सुधार की उम्मीद भी बनी हुई है। निवेशकों को आगे की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर अब भी बाजार पर बना हुआ है।
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