US Iran war: बंदर अब्बास हमले के जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना
खबर सार :-
US Iran war: अमेरिका ने ईरान के मजबूत रणनीतिक नौसेनिक अड्डे और बंदरगाह पर बड़ा हमला किया है। बंदर अब्बास अड्डे पर अचानक हुए हमले से ईरान पूरी तरह बौखला गया है। फिलहाल स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है।
खबर विस्तार : -
US Iran war: अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बंदर अब्बास पोर्ट के पास नौसेनिक अड्डे पर हमला किया है, जिसके जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिकी सैन्य एयरबेस को निशाना बनाकर हमला करने का दावा किया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक उसने ईरान पर आत्मरक्षा के लिए बंदरगाह पर हमला किया था। होमुर्ज जलडमरुमध्य के पास ईरानी स्पीड बोट्स पानी में माइंस बिछाने की कोशिश में जुटी थी, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स पर हमला किया
हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें लगातार फीकी पड़ रही हैं। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाह पर किए गए हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर हमला किया है। ईरान की प्रमुख अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने गुरुवार की सुबह 4 बजकर 50 मिनट पर अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया गया। हालांकि आईआरजीसी ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि उसने अमेरिका के किस एयरबेस को निशाना बनाया है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की सख्त चेतावनी
ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि इस तरह के हमलों को दोबारा दोहराया गया तो ईरान की तरफ से इससे भी ज्यादा निर्णायक और घातक जवाब दिया जाएगा और इसके गंभीर परिणाम के लिए केवल हमलावर जिम्मेदार होगा। दोनों देशों के बीच हुए गोलाबारी का असर अब पड़ोंसी देशों पर पड़ रहा है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अपनी एयरस्पेस की ओर दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोंन्स को हवा में ही नष्ट कर रहे हैं।
आत्मरक्षा के लिए हमला- अमेरिका
अमेरिका ने बुधवार रात को भी ईरान के एक बड़े एयरबेस को अपना निशाना बनाया है। रिपोर्ट के मुताबिक रात 1 बजकर 30 मिनट के करीब ईरान के बंदर अब्बास शहर के पूर्वी भाग में तीन धमाकें हुईं। अमेरिकी अधिकारी रॉयटर्स के मुताबिक उसने ईरान के कई जगहों पर हमले किए। उनका कहना था कि वह स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में अमेरिकी सेना और कमर्शियल समुद्री आवागमन के लिए खतरा पैदा करने वाले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था, हालांकि अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के लिए की गई थी।
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