युगांडा में सूखे से खाद्य संकट गहराया, भुखमरी से 19 लोगों की गई जान, राहत अभियान शुरू

खबर सार :-

युगांडा में सूखे से खाद्य संकट की स्थिति गंभीर होती जा रही है। देश के पूर्वी हिस्से में भूख से 19 लोगों की मौत हो गई। देश के करामोजा क्षेत्र की लगभग 15 लाख की आबादी खाद्य की कमी से प्रभावित है। यहां लोग कुपोषण का सामना कर रहे हैं। युगांडा सरकार ने जानकारी दी कि बड़े स्तर पर राहत अभियान शुरू किया गया है।
युगांडा में सूखे से खाद्य संकट गहराया, भुखमरी से 19 लोगों की गई जान, राहत अभियान शुरू

खबर विस्तार : -

कंपाला: युगांडा में भुखमरी से हुई मौतों की खबरों ने एक बार फिर दुनियाभर में चिंता बढ़ा दी है। देश के पूर्वी इलाके में लंबे समय से पड़े सूखे के कारण 19 लोगों की भूख से मौत हो गई है, जिसके बाद सरकार ने आपातकालीन खाद्य राहत वितरण अभियान शुरू किया है।

देश के करामाजा इलाके में खाद्य संकट लगातार बढ़ रहा है। उम्मीद के मुताबिक बारिश न होने से फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे इलाके की लगभग 15 लाख आबादी गंभीर खाद्य संकट और बढ़ते कुपोषण का सामना कर रही है। वैश्विक खाद्य सुरक्षा निगरानी संस्था, 'फेमिन अर्ली वार्निंग सिस्टम्स नेटवर्क' (FEWS NET) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करामाजा में हालात संकटपूर्ण स्तर तक बिगड़ गए हैं।

दो महीनों में बांटी जाएगी 9,400 टन राहत सामग्री

विदेशी मदद में कटौती के कारण आए वित्तीय संकट के बीच, युगांडा सरकार ने पहली बार बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर इस पहल की घोषणा की और बताया कि अगले दो महीनों में 9,400 टन राहत सामग्री (खाद्य पदार्थ) बांटी जाएगी। यह सामग्री संसद द्वारा मंजूर 45 अरब शिलिंग (लगभग 3.33 अरब रुपये) के आपातकालीन फंड से खरीदी गई है।

आपदा तैयारी और शरणार्थी मामलों के मंत्री सैम अंगोला ने बुधवार को काबोंग जिले के लोडिको सब-काउंटी के एक प्राइमरी स्कूल में राहत वितरण अभियान का उद्घाटन किया। अंगोला ने कहा, "राष्ट्रपति नहीं चाहते कि करामाजा में किसी के भी भूख से मरने की खबर सुनने को मिले। मैं यहां खाद्य वितरण की देखरेख करने और यह सुनिश्चित करने आया हूं कि सभी को भोजन मिले। कोई भी पीछे नहीं छूटेगा।"

काबोंग और कोटिडो जिलों की स्थिति संकटपूर्ण 

स्वास्थ्य केंद्रों की रिपोर्ट है कि सैकड़ों बच्चे गंभीर कुपोषण का इलाज करा रहे हैं। जून में जारी एक पोषण रिपोर्ट में पाया गया कि करामाजा के काबोंग और कोटिडो जिलों की लगभग आधी आबादी संकटपूर्ण स्थिति का सामना कर रही है। विशेषज्ञ इस इलाके में बार-बार होने वाले खाद्य संकट के लिए जलवायु संकट, पर्यावरण का नुकसान (जिसमें वनों की कटाई भी शामिल है), गरीबी और कम कृषि उत्पादकता जैसे कारणों को जिम्मेदार मानते हैं। 

2022 में भुखमरी से 2,200 से अधिक लोगों की मौत

युगांडा मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में करामाजा में गंभीर खाद्य संकट के कारण 2,200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हालांकि आपातकालीन खाद्य सहायता से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन सरकार ने कहा है कि वह दीर्घकालिक समाधानों पर भी काम कर रही है। इस पहल के तहत, हाल ही में मंजूर 'करामाजा क्षेत्रीय विकास योजना' का मकसद समुदायों को सूखे जैसे हालात से निपटने में सक्षम बनाना है। 

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सूखे में जल्द तैयार होने वाली फसलों के बीज बांटेगी सरकार

करामोजा मामलों के मंत्री जॉन बैपटिस्ट लोकी ने कहा, "सरकार अगले बुवाई के मौसम से पहले ऐसी फसलों के बीज उपलब्ध कराएगी जो सूखे और बीमारियों को झेल सकें और जल्दी तैयार हो जाएं।" युगांडा फूड राइट्स अलायंस (FRA) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एग्नेस किराबो ने कहा कि सरकार का राहत वितरण अभियान जरूरी हो गया है, क्योंकि मानवीय सहायता का स्वरूप तेजी से बदला है।

WFP ने 63 प्रतिशत शरणार्थी आबादी के लिए खाद्य सहायता रोकी

लोकी ने बताया कि यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) जैसे संगठनों से मिलने वाली सहायता में बड़ी कटौती के बाद वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) जैसी एजेंसियों को अपने राहत कार्यों में भारी कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। युगांडा में, WFP ने 63 प्रतिशत शरणार्थी आबादी के लिए खाद्य सहायता रोक दी है, जिससे दस लाख से ज्यादा लोग बिना सहायता के रह गए हैं; वहीं, सहायता पाने वालों की संख्या घटकर सिर्फ 6,63,000 रह गई है।

FAQ

युगांडा में खाद्य संकट क्यों है?

करामोजा जैसे उत्तर-पूर्वी इलाके में लंबे समय तक सूखे और बारिश की कमी के कारण मक्का, ज्वार और सोयाबीन जैसी मुख्य फसलें बर्बाद हो गई हैं। जिस वजह से देश को खाद्य संकट का सामना करना पड़ रहा है।

देश में फसलों की क्या स्थिति है?

सिंचाई और जल प्रबंधन के बुनियादी ढांचे की कमी के कारण किसान खेती में नाकाम हो रहे हैं, जिससे भुखमरी की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।

युगांडा को यूएसएआईडी ने मदद में क्यों कटौती की?

अमेरिकी सरकार की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत विदेशी सहायता बजट की समीक्षा और पुनर्गठन के बाद, USAID ने युगांडा को दी जाने वाली सहायता में भारी कटौती की है।

 

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