उरई में 4 करोड़ की जमीन के लिए अधेड़ की हत्या, 20 घंटे तक शव को लेकर जंगल में घूमते रहे दंपत्ति

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के उरई से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक दंपत्ति ने अधेड़ को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और शव को लेकर 20 घंटों तक जंगल में घूमते रहे।
उरई में 4 करोड़ की जमीन के लिए अधेड़ की हत्या, 20 घंटे तक शव को लेकर जंगल में घूमते रहे दंपत्ति

खबर विस्तार : -

Urai News: उरई में एक दंपत्ति ने अधेड़ व्यक्ति को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और शव को लेकर 20 घंटों तक जंगल में घूमते रहे। इसके बाद आधी रात को हमीरपुर के जंगल में डीजल डालकर फूंक दिया। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम रखा गया था। हालांकि दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए घंटों तक लाश को जंगल में लेकर घूम रहे थे। 

अपहरण के बाद हत्या 

उत्तर प्रदेश के उरई से एक बेहद विचलित होने वाला मामला सामने आया है। बता दें कि एक दंपत्ति ने मिलकर एक अधेड़ व्यक्ति का अपहरण करने के बाद उनकी हत्या कर दी। हत्या तीन महीने पहले ही हुई थी, जिसका खुलासा अब हुआ है। गुरुवार को पुलिस ने इस मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी सपना और मृतक विजेंद्र मोरे के बीच प्रेम संबंध थे। विजेंद्र की उम्र ज्यादा होने के कारण आरोपी सपना ने मोहित मलिक नाम के युवक से शादी कर ली। हालांकि शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत हो रही थी, जिसे लेकर मोहित और मृतक के बीच विवाद हो गया। वहीं दूसरी ओर विजेंद्र के चार करोड़ रुपये की जमीन की लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। 4 मई को मोहित और उसकी पत्नी सपना ने विजेंद्र को अगवा कर लिया। कुछ देर बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए 20 घंटों तक जंगल में लेकर घूम रहे थे। हमीरपुर के जलालपुर क्षेत्र के जंगल में आधी रात को दोनों ने मिलकर 40 लीटर डीजल डालकर शव को जला दिया। 

15 दिन पहले ही बना ली थी योजना

 पुलिस की जांच में पता चला कि हरियाणा के जींद के रहने वाले 52 वर्षीय विजेंद्र मोरे रिनिया गांव के पास ट्यूबवेल पर सो रहे थे, उसी समय चार लोग वहां पहुचें और उन्हें कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस हत्याकांड के 86 दिन बाद पुलिस ने 29 जुलाई को कदौरा क्षेत्र से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के आधार पर पुलिस को जंगल से जले हुए विजेंद्र के कंकाल मिले, जिसके बाद पुलिस इस मामले से जुड़े तीन अन्य आरोपी भगवान,  संजीव उर्फ कोकला निवासी शामलो कला थाना क्षेत्र जुलाना जिंद और अमरजीत निवासी ग्राम बिसान बेरी जिला झज्जर हरियाणा की तलाश कर रही है। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी मोहित की पत्नी सपना रानी ने हत्या से 15 दिन पहले ही अपहरण की योजना बना ली थी। इस दौरान वो विजेंद्र से फोन पर संपर्क करती रही। इसके साथ ही जमीन के सौदे और पैसे के लालच में उरई आने को कहती रही। इसके बाद वो खुद उरई के रिनिया गांव में आई और विजेंद्र को अपने साथ ले गई। 

करोड़ों रुपये की जमीन रंजिश

 इस हत्याकांड में सबसे बड़ा कारण मृतक के करोड़ों की जमीन का सौदा भी माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार हरियाणा के जींद के रहने वाले आजाद सरपंच से विजेंद्र ने चार करोड़ में जमीन का सौदा किया था। इसके लिए आजाद ने एक करोड़ रुपये दे भी दिए थे, लेकिन तीन करोड़ देने में आनाकानी कर रहा था। इस बीच आरोपी मोहित और सपना ने आजाद से संपर्क किया और उसने तीन करोड़ बचाने के लिए दोनों को विजेंद्र को मारने की सुपारी दे दी। इसके बाद उन्होंने मिलकर पहले विजेंद्र को अगवा किया, फिर गला घोंटकर हत्या कर दी, इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए 20 घंटों तक लाश को लेकर घूमते रहे और आधी रात को 40 लीटर डीजल डालकर शव को आग के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस बाकी के तीन आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

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