Tarapith Hotel Fire Tragedy: मुख्य मालिक की तलाश तेज, अब तक नौ लोगों की हुई मौत

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल के तारापीठ होटल अग्निकांड में मृतकों की संख्या 9 हो गई है। पुलिस फरार मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश कर रही है और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू हुई है।
तारापीठ होटल अग्निकांड में 9 की मौत, मुख्य मालिक की तलाश तेज

खबर विस्तार : -

बीरभूमः पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के तारापीठ में सोमवार सुबह हुए भीषण होटल अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। हादसे के बाद से फरार होटल ‘बिदेशिनी’ के मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश में पुलिस ने मंगलवार को बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए होटल की सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने की परिस्थितियों की भी जांच शुरू कर दी है।

जांचकर्ताओं को गुमराह करने का आरोप

होटल के सह-मालिक और तपस पॉल के बेटे कल्याण पॉल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उसे मंगलवार को बीरभूम की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे पूछताछ के लिए सरकारी वकील उसकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे। पुलिस के अनुसार, कल्याण पॉल पर आरोप है कि उसने हादसे के तुरंत बाद आग से हुई मौतों के कारण को लेकर जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की। कल्याण ने दावा किया था कि आग लगने के बाद होटल में ठहरे लोग घबरा गए और पीछे की ओर मौजूद निकास द्वार तक नहीं पहुंच सके। इसके कारण वे रिसेप्शन की ओर भागे, जहां कई लोग आग की चपेट में आ गए।

हालांकि, होटल में ठहरे कुछ लोगों ने इस दावे से अलग बयान दिया है। उनके मुताबिक, होटल का पिछला निकास द्वार बंद था। ऐसे में आग से बचने के लिए लोगों के पास रिसेप्शन की ओर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। पुलिस अब दोनों दावों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के दौरान आपातकालीन निकास की वास्तविक स्थिति क्या थी।

कड़ियां जोड़ने में जुटी टीम

सोमवार शाम तक आग की घटना में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। मृतकों में मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्य भी शामिल थे। यह परिवार तारापीठ स्थित प्रसिद्ध मां तारा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आया था। इसके बाद जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी निवासी राजेश शर्मा की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। वह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती थे।

हादसे के बाद पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। बीरभूम जिला पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, फोरेंसिक टीम ने होटल की सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने की परिस्थितियों की जांच के लिए विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस भी अपने स्तर पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच का एक प्रमुख पहलू होटल में मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था भी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि तारापीठ के अन्य होटल और आवासीय प्रतिष्ठानों में भी बिजली तथा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की जाएगी। इस जांच के दायरे में बिजली की वायरिंग, डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड, मीटर, अर्थिंग और स्वीकृत विद्युत भार की स्थिति शामिल होगी।

जरूरी अनुमतियों की होगी जांच

इसके अलावा अग्निशमन यंत्र, हाइड्रेंट, पंप, पानी की टंकियां, होज रील, फायर अलार्म, आपातकालीन रोशनी और धुआं पहचानने वाली प्रणालियों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि होटल और अन्य प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की व्यवस्था भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। अधिकारियों द्वारा होटलों में बनाए गए निकास मार्गों, सीढ़ियों और आपातकालीन रास्तों की स्थिति की जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि आपात स्थिति में ये रास्ते खुले और इस्तेमाल के योग्य रहते हैं या नहीं। इसके साथ ही संबंधित होटल और आवासीय प्रतिष्ठानों के अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्रों तथा अन्य जरूरी अनुमतियों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों यह सत्यापित करेंगे कि इन प्रतिष्ठानों के पास अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और मंजूरियां मौजूद हैं या नहीं।

तारापीठ एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में होटल अग्निकांड ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस की जांच अब फरार मुख्य मालिक तपस पॉल की तलाश, होटल की सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के दौरान निकास मार्ग की स्थिति जैसे प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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