बंगाल की खाड़ी में आठ मछुआरे लापता, तलाश में जुटा तटरक्षक बल

खबर सार :-

आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के आठ मछुआरे बंगाल की खाड़ी में लापता हैं। तटरक्षक बल ने नाव और मछुआरों की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां समुद्र में तलाश अभियान को तेज करते हुए मछुआरों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में जुटी हैं।
बंगाल की खाड़ी में 8 मछुआरे लापता, सर्च ऑपरेशन तेज

खबर विस्तार : -

अमरावतीः आंध्र प्रदेश के बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा जिले के आठ मछुआरे बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने के दौरान लापता हो गए हैं। निर्धारित समय पर नाव के वापस नहीं लौटने के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय तटरक्षक बल को अलर्ट किया है। तटरक्षक बल ने लापता मछुआरों और उनकी नाव की तलाश के लिए समुद्र में विशेष खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया है।

12 अगस्त को आना था वापस

अधिकारियों के अनुसार, लापता मछुआरे अल्लावरम मंडल के ओडालारेवु, डुम्मलापेटा और वसलाटिप्पा गांवों के रहने वाले हैं। सभी आठ मछुआरे तीन अगस्त की सुबह करीब 10 बजे ओडालारेवु जेट्टी से एक नाव पर सवार होकर समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। उन्हें 12 अगस्त तक वापस लौटना था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी नाव और मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला।

परिजनों के मुताबिक, मछुआरों से आखिरी बार तीन अगस्त की सुबह करीब 11 बजे फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। अधिकारियों ने बताया कि नाव में मोबाइल फोन के साथ वीएचएफ संचार सेट भी मौजूद था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, नाव उसी दिन शाम करीब छह बजे मछली पकड़ने वाले क्षेत्र में पहुंची होगी। इसके बाद नाव से संपर्क टूट गया।

अन्य नौकाओं को किया गया अलर्ट

मामले की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल को सूचना देकर तलाशी अभियान शुरू कराया। तटरक्षक बल के कमांडेंट को भी घटना की जानकारी दी गई है। इसके बाद तटरक्षक पोतों को समुद्र में उतारा गया, जो लापता नाव और मछुआरों की संभावित मौजूदगी वाले क्षेत्रों में तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों की ओर से समुद्री परिस्थितियों और संभावित मार्गों को ध्यान में रखते हुए खोज अभियान चलाया जा रहा है।

लापता मछुआरों की तलाश में तटरक्षक बल के साथ स्थानीय स्तर पर भी मदद ली जा रही है। काकीनाडा, भैरवापलेम, विशाखापत्तनम और पारादीप से समुद्र में जाने वाली मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अलर्ट किया गया है। इन नौकाओं के संचालकों और मछुआरों से कहा गया है कि यदि उन्हें लापता नाव या किसी मछुआरे से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

प्रभावित परिवारों को दी जा रही अपडेट

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की और अब तक चलाए गए खोज अभियान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को तलाशी अभियान और तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लापता मछुआरों और नाव का पता चलने तक अभियान जारी रखा जाना चाहिए तथा उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

नायडू ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और उन्हें खोज अभियान की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से देने का निर्देश भी दिया। उन्होंने तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है और मछुआरों को सुरक्षित खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

पीड़ित परिवार को मुआवजे का ऐलान

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब आंध्र प्रदेश के तट पर हाल के दिनों में मछुआरों से जुड़ी समुद्री दुर्घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। पिछले महीने विशाखापत्तनम में गंगावरम तट से करीब 10 समुद्री मील दूर एक मछली पकड़ने वाली नाव के पलटने से छह मछुआरों की मौत हो गई थी। सात मछुआरों को लेकर यंत्रीकृत नाव एक जुलाई को समुद्र में गई थी। चार जुलाई को तट की ओर लौटते समय नाव पलट गई थी।

हादसे के बाद एक मछुआरे को एक मालवाहक जहाज के चालक दल ने बचा लिया था। उसे छह जुलाई को तट पर लाया गया। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने बाकी मछुआरों की तलाश में चार दिनों तक बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। इसके बाद आठ जुलाई को अभियान बंद कर दिया गया था।

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले छह मछुआरों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी थी। अब कोनसीमा के आठ मछुआरों के लापता होने की घटना के बाद उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। 

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