जमीन विवाद को लेकर हंगामा, कब्जे के आरोप-प्रत्यारोप के बीच डीएम और एसपी से शिकायत
खबर सार :-
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके पुत्र ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था, लेकिन चौकी प्रभारी ने उसका फोन लेकर वीडियो डिलीट कर दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उल्टा उसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया।
खबर विस्तार : -
पीलीभीत: जनपद के बरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित करोड़ चौकी के सामने जमीन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। एक पक्ष ने पड़ोसी और पुलिस पर मिलीभगत कर जबरन कब्जा कराने का आरोप लगाया है, जबकि राजस्व विभाग ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए शिकायतकर्ता को ही विवादित भूमि पर कब्जाधारी बताया है। मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई है।
20 साल से रह रहा परिवार
पीड़ित छत्रपाल का आरोप है कि वह अपने परिवार के साथ पिछले लगभग 20 वर्षों से उक्त स्थान पर रह रहा है। हाल ही में उसने अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले मिलन मिश्रा अपने परिवार के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाने का दबाव बनाने लगे।
छत्रपाल के अनुसार जब उसने निर्माण कार्य बंद करने से इनकार कर दिया तो मिलन मिश्रा ने करोड़ चौकी पर तैनात चौकी प्रभारी अवधेश और बरखेड़ा पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंची और बिना राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी के निर्माण कार्य रुकवा दिया। छत्रपाल का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में ही मिलन मिश्रा ने निर्माणाधीन दीवार को तोड़ दिया, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हुआ।
लेखपाल पर लगाए गंभीर आरोप
छत्रपाल ने क्षेत्रीय लेखपाल पूजा सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लेखपाल ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर ली है और उनकी जमीन पर कब्जा कराने में सहयोग कर रही हैं। पीड़ित का दावा है कि उसकी भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
मामले को लेकर छत्रपाल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पीलीभीत को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में पुलिस की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है।
लेखपाल ने खारिज किए सभी आरोप
वहीं इस मामले में जब क्षेत्रीय लेखपाल पूजा सिंह से पक्ष जाना गया तो उन्होंने छत्रपाल द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। लेखपाल के अनुसार वास्तविक स्थिति यह है कि छत्रपाल स्वयं मिलन मिश्रा की भूमि पर कब्जा किए हुए थे और उसी भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे थे।
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य का विरोध करने पर जब विवाद बढ़ा तो मिलन मिश्रा ने पुलिस की सहायता ली। इसके बाद पुलिस ने मौके की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की और छत्रपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान किया। फिलहाल मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई शिकायत के बाद अब सभी की निगाहें जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
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