सिमरधा में आजादी के बाद पहली बार नल से जल की उम्मीद, टंकी में लीकेज से जलापूर्ति फिर टली
खबर सार :-
मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद जल निगम ने जलापूर्ति व्यवस्था की टेस्टिंग शुरू की थी। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनके घरों तक नियमित पानी पहुंच सकेगा। लेकिन टंकी में लीकेज सामने आने से यह खुशी फिलहाल अधूरी रह गई।
खबर विस्तार : -
झांसीः झांसी महानगर से सटे ग्राम सिमरधा के लोगों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की उम्मीद एक बार फिर जग गई है। आजादी के बाद पहली बार गांव के घरों तक नल से जल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अमृत योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है और 3000 से अधिक घरों को जल कनेक्शन भी प्रदान किए जा चुके हैं। हालांकि जलापूर्ति शुरू होने से ठीक पहले पानी की टंकी में लीकेज सामने आने से लोगों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ेगा।
टेस्टिंग में फेल हुई योजना
सोमवार को जल निगम द्वारा नई व्यवस्था की टेस्टिंग शुरू की गई थी। उम्मीद थी कि इसी दिन गांव के अधिकांश घरों तक पहली बार पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंच जाएगा। लेकिन जैसे ही टंकी को पानी से भरा गया, उसमें कई स्थानों से रिसाव शुरू हो गया। इसके चलते नियमित जलापूर्ति प्रारंभ नहीं की जा सकी और केवल ट्रायल के तौर पर कुछ घरों तक ही पानी पहुंच पाया।
टंकी में लीकेज की सूचना मिलते ही जल निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। विभाग ने तत्काल मरम्मत की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही पंपिंग के माध्यम से डिस्ट्रीब्यूशन लाइन की टेस्टिंग जारी रखने की योजना बनाई जा रही है। यदि यह प्रयास सफल रहता है तो कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से पानी की आपूर्ति शुरू की जा सकती है। हालांकि पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए टंकी की मरम्मत आवश्यक होगी।
मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि महानगर पेयजल योजना के अंतर्गत सिमरधा, पाल कॉलोनी और ग्रास लैंड के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले करीब 3000 परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तीन वर्ष पहले इस ओवरहेड टंकी का निर्माण कराया गया था। इसी अवधि में पूरे क्षेत्र में पाइपलाइन नेटवर्क भी तैयार कर दिया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
जानकारी के अनुसार टंकी तक पानी पहुंचाने के लिए ईलाइट क्षेत्र से सिमरधा तक मुख्य पाइपलाइन बिछाई गई थी। इसी बीच झांसी-ग्वालियर रोड के चौड़ीकरण और ओवरब्रिज टनल निर्माण का कार्य शुरू हो गया, जिससे मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण टंकी तक पानी पहुंचना बंद हो गया और पूरी योजना लंबे समय तक अधर में लटकी रही।
जल निगम के अवर अभियंता राकेश चौरसिया ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से टंकी तक पानी नहीं पहुंचा था। सोमवार को पहली बार टंकी को भरकर परीक्षण किया गया, जिसके दौरान कुछ स्थानों पर रिसाव पाया गया। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य तत्काल शुरू किया जा रहा है और अगले एक माह के भीतर सभी लीकेज को ठीक कर लिया जाएगा। इसके बाद दोबारा टेस्टिंग कर नियमित जलापूर्ति शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल सिमरधा के हजारों परिवारों को नल से जल मिलने का सपना साकार होने के लिए कुछ और समय इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने से ग्रामीणों में उम्मीद बनी हुई है।
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