West Bengal: कांग्रेस नेता और बेटे की गोली मारकर हत्या, विपक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
खबर सार :-
पश्चिम बंगाल के नादिया में कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान रहमान की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है। अभी तक हमलावरों का पता नहीं चल सका है।
खबर विस्तार : -
नादिया: पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में शनिवार रात कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान रहमान की कथित तौर पर गोली मारकर और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। घटना नकाशीपाड़ा अंडरपास के पास हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पिता-पुत्र कार से अपने घर लौट रहे थे, तभी हमलावरों ने उनकी गाड़ी को निशाना बनाया। वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि हमले में इस्तेमाल की गई कार पर गोलियों के कई निशान मिले हैं। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और वारदात को किस वजह से अंजाम दिया गया।
राज्य सरकार पर विपक्ष हमलावर
घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इस दोहरे हत्याकांड को लेकर राज्य सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सीपीआईएम नेता मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हालात में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या, जबरन वसूली, आम लोगों की समस्याएं, महिलाओं के खिलाफ अपराध, रिश्वतखोरी और राजनीतिक दबदबे जैसी समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।
मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा कि सरकार बदलने के बावजूद राज्य के लोगों को इन समस्याओं से राहत नहीं मिली है। उनके मुताबिक, एक राजनीतिक दल के जाने के बाद दूसरी पार्टी सत्ता में आई है, लेकिन शासन का तरीका पहले से भी अधिक खतरनाक और अहंकारी नजर आ रहा है। उन्होंने नादिया की घटना को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ते हुए सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पूजा रॉय चौधरी ने भी नकाशीपाड़ा की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में आए दिन गुंडागर्दी, हंगामा और राजनीतिक दबदबे की घटनाएं होती रहती हैं। उनका कहना था कि इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद पुलिस को कथित तौर पर पहले से इसकी जानकारी नहीं थी।
पूजा रॉय चौधरी ने दावा किया कि अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पर कई गोलियां चलाई गईं। उनके मुताबिक, अनीसुर रहमान को 13 गोलियां और उनके बेटे अबू सुफियान रहमान को 12 गोलियां मारी गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि मामले में जिस तृणमूल कांग्रेस नेता का नाम कथित तौर पर सामने आ रहा है, पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है।
राज्य कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पांच बार लोकसभा सांसद रहे अधीर रंजन चौधरी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार 'डर खत्म, भरोसा कायम' के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुई इस भयावह घटना ने लोगों की सुरक्षा और राजनीतिक गतिविधियों में स्वतंत्र रूप से हिस्सा लेने के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
अधीर रंजन चौधरी ने मामले की उचित, निष्पक्ष और प्रभावी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि घटना के दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
इस बीच, स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वारदात जेल में बंद तृणमूल कांग्रेस नेता जुब्बार शेख के कथित निर्देश पर कराई गई। स्थानीय कांग्रेस नेता टीपू सुल्तान ने दावा किया कि जुब्बार शेख ने जेल से ही कथित तौर पर बदमाशों का इस्तेमाल कर इलाके पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए हमला करवाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन अगर निष्पक्ष और उचित तरीके से जांच करे तो मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
जब्त वाहन की जांच जारी
हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। कृष्णानगर पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरजीत कुमार ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच के संबंध में इससे अधिक जानकारी देना संभव नहीं है।
पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और जब्त वाहन की जांच शुरू कर दी है। साथ ही हमले के पीछे की वजह, आरोपियों की पहचान और घटना में किसी राजनीतिक या आपराधिक कनेक्शन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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