Monsoon 2026: मध्य प्रदेश में अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी, इन जिलों में अलर्ट
खबर सार :-
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सबसे ज्यादा असर जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में नजर आएगा।
खबर विस्तार : -
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून फिर से जोर पकड़ रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे एक मजबूत और सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण, राज्य के पूर्वी हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। इसका सबसे ज्यादा असर जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर डिवीजन में दिखेगा। इसके बाद, यह सिस्टम पश्चिमी इलाके की ओर बढ़ेगा और भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल डिवीजन में बारिश लाएगा।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए सीधी, मऊगंज और डिंडोरी में बहुत भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इन जिलों में भी बारिश की उम्मीद
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है।
भोपाल और ग्वालियर-चंबल में 19 अगस्त तक असर
मौसम विभाग के अनुसार, मौजूदा मौसम सिस्टम का असर भोपाल, ग्वालियर और चंबल डिवीज़न पर भी पड़ेगा। इन डिवीज़न के कुछ जिलों में 17, 18 और 19 अगस्त के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विभाग का अनुमान है कि 15 अगस्त से 21 अगस्त तक राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। पूर्वी इलाके में 15 से 19 अगस्त तक भारी बारिश की उम्मीद है, जबकि उसके बाद पश्चिमी इलाके में बारिश की गतिविधि बढ़ेगी।
राज्य में अब तक 21.4 इंच बारिश
मौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में अब तक 544.4 मिमी (21.4 इंच) बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश 618.8 मिमी (24.4 इंच) से लगभग 3 इंच कम है। कुल मिलाकर, राज्य में बारिश में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पूर्वी इलाके में बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत कम और पश्चिमी इलाके में सामान्य से 6 प्रतिशत कम है। पूर्वी इलाके के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल डिवीजन में बारिश सामान्य से 19 प्रतिशत तक कम रही है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया जैसे जिलों में बारिश में 2 प्रतिशत से 54 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, पश्चिमी इलाके के जिलों—आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में 1 प्रतिशत से 48 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मंदाकिनी नदी उफान पर, रामघाट की सीढ़ियां डूबीं
मध्य प्रदेश के सतना जिले में तराई इलाके और चित्रकूट में भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। सोमवार को बढ़ते पानी ने चित्रकूट के ऐतिहासिक रामघाट की सभी सीढ़ियों को डुबो दिया और वहाँ मौजूद दुकानों में भी पानी घुस गया। सुरक्षा के लिहाज़ से प्रशासन ने घाट को खाली करा दिया है, बैरिकेड्स लगा दिए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीम तैनात कर दी है।
रामघाट इलाके को तुरंत खाली कराने की चेतावनी
सतना और उत्तर प्रदेश की सीमावर्ती इलाकों में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जैसे ही घाट के पास की दुकानों में पानी घुसने लगा, दुकानदारों ने जल्दबाजी में अपना सामान सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के स्थानीय अधिकारियों ने रामघाट इलाके को तुरंत खाली कराने का अलर्ट जारी किया। हादसों को रोकने के लिए घाट तक जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं, जिससे आम जनता और तीर्थयात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, SDRF की टीम तैनात
बाढ़ के खतरे को देखते हुए रामघाट पर स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम तैनात की गई है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी मिलकर चौबीसों घंटे मंदाकिनी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अगर कैचमेंट एरिया (जलग्रहण क्षेत्र) में बारिश जारी रहती है, तो जलस्तर और बढ़ सकता है; इसलिए, नदी के किनारे बसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह देने के लिए घोषणाएं की जा रही हैं।
सुबह से हो रही बारिश, आंधी-तूफान की संभावना
चित्रकूट के अलावा, सतना जिला मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी सोमवार सुबह से लगातार बारिश हो रही है। सावन के महीने में पिछले 16 दिनों में जिले में लगभग चार इंच बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण, अगले 24 घंटों में सतना और पूरे रीवा डिवीजन में मध्यम से भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
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