Manipur: राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, हमलावरों की तलाश जारी

खबर सार :-

उखरुल जिले में घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के दो जवानों को राज्यपाल व सीएम ने श्रद्धांजलि दी। पुष्पांजलि समारोह में कई गणमान्य उपस्थित रहे। वहीं, केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल संयुक्त रूप से अभियान चलाकर हमलावरों की तलाश कर रही है।
Manipur: राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, हमलावरों की तलाश जारी

खबर विस्तार : -

इंफाल: मणिपुर के गवर्नर अजय कुमार भल्ला, मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह और अन्य गणमान्य लोगों ने बुधवार को उखरुल जिले में घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के दो जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस बीच, हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।

सोमवार दोपहर, हिंसा प्रभावित उखरुल जिले में इंफाल-दीमापुर नेशनल हाईवे (NH-2) पर नुंगशांग कोंग के पास असम राइफल्स के एक वाहन पर हमला किया गया। इस हमले में असम राइफल्स के दो जवान वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए। पुलिस को शक है कि इसमें किसी नागा सशस्त्र समूह का हाथ है।

राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

इंफाल के बीर टिकेंद्रजीत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गवर्नर भल्ला और मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने अंतिम संस्कार के लिए जवानों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थानों पर भेजने से पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनकी समर्पित सेवा और सर्वोच्च बलिदान के सम्मान में एक मिनट का मौन रखा। गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, कई विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा सुरक्षाकर्मी भी पुष्पांजलि समारोह में शामिल हुए और जवानों को श्रद्धांजलि दी। 

पुष्पांजलि समारोह में शामिल हुए गणमान्य

शहीद जवानों को औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। सेना, असम राइफल्स और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPFs) के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य के नेताओं के साथ मिलकर उन्हें अंतिम सम्मान दिया। मौजूद लोगों में मणिपुर सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, 3 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया, IG असम राइफल्स (साउथ) मेजर जनरल गौरव शर्मा और सेना तथा असम राइफल्स के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

दोषियों का पता लगाने के लिए चला अभियान

इस बीच, हमले के दोषियों का पता लगाने के लिए केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए उखरुल जिले और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एक समन्वित तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। 

उग्रवादियों के दो बड़े ठिकानों को नष्ट किया

यह हमला तब हुआ जब सुरक्षा बलों ने उसी जिले के लिटन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में स्थित थोयी गांव (महादेव टॉप) और जालेनबुंग गांव में उग्रवादियों के दो बड़े ठिकानों को नष्ट कर दिया था। यह अभियान उग्रवादी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कोशिशों का हिस्सा था। 

NSCN-IM ने हमले से किया इन्कार

इस बीच, नागा विद्रोही गुट 'नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम-इसाक-मुइवा' (NSCN-IM) ने उखरुल में असम राइफल्स की गाड़ी पर हुए हमले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। संगठन ने कहा है कि वह केंद्र सरकार के साथ हुए संघर्ष-विराम समझौते और भारत-नागा शांति प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

समझौते के प्रति प्रतिबद्ध NSCN-IM 

एक बयान में, NSCN-IM ने जोर देकर कहा कि वह इस घटना में शामिल नहीं था और उसे इसके बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। गुट ने भारत सरकार के साथ संघर्ष-विराम समझौते के प्रति अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह तय नियमों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहा है। NSCN-IM ने यह भी कहा कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे भारत-नागा शांति वार्ता कमजोर हो या उसमें कोई बाधा आए।

 

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