झांसी में बड़ा एक्शन: रिश्वतखोरी (Bribery) के आरोप में चौकी प्रभारी और सिपाही गिरफ्तार, थाने में उतरवाई वर्दी

खबर सार :-

झांसी में एंटी करप्शन टीम ने बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी एसआई ओंकार सिंह और सिपाही शशांक को एक किराना व्यापारी (Grocery Trader) से 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों की वर्दी उतरवाकर सदर बाजार थाने में पूछताछ की जा रही है।
झांसी में बड़ा एक्शन: रिश्वतखोरी (Bribery) के आरोप में चौकी प्रभारी और सिपाही गिरफ्तार, थाने में उतरवाई वर्दी

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन टीम (Anti-Corruption Team) ने मंगलवार को एक सुनियोजित जाल बिछाकर शहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बड़ागांव गेट चौकी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) ओंकार सिंह और उनके साथ तैनात सिपाही (Constable) शशांक त्रिपाठी को रंगे हाथ दबोच लिया। इन दोनों पर एक स्थानीय किराना व्यापारी (Grocery Trader) से केस में मदद करने और उसका नाम हटाने के बदले मोटी रकम वसूलने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपितों को सदर बाजार थाने ले जाया गया, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी वर्दी उतरवाकर हवालात में डाल दिया गया। इस औचक कार्रवाई से पूरे जिले के पुलिस महकमे (Police Department) में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, झांसी के एक किराना व्यापारी (Grocery Trader) संजीव राय के खिलाफ कुछ समय पहले एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में राहत देने, विवेचना में मदद करने और केस से नाम बाहर निकालने के एवज में बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी ओंकार सिंह ने पैसों की मांग की थी। शुरुआत में सौदा इससे कहीं अधिक रकम पर तय हो रहा था, लेकिन बाद में मामला 60 हजार रुपये पर आकर तय हुआ। पीड़ित व्यापारी (Grocery Trader) का कहना है कि वह मानसिक और आर्थिक रूप से इतना प्रताड़ित हो चुका था कि वह पहले भी टुकड़ों में हजारों रुपये दे चुका था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों की पैसों की भूख कम नहीं हो रही थी और वे लगातार बाकी बची रकम के लिए दबाव बना रहे थे।

एंटी करप्शन की टीम ने बिछाया जाल

पुलिस की रोज-रोज की धमकी और उगाही से तंग आकर किराना व्यापारी (Grocery Trader) ने लखनऊ स्थित एंटी करप्शन संगठन (Anti-Corruption Organization) से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों ने सबसे पहले पूरे मामले का बेहद गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया। जब जांच में यह साफ हो गया कि चौकी प्रभारी और सिपाही वाकई पैसे मांग रहे हैं, तो टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की।

मंगलवार को योजना के मुताबिक, पीड़ित किराना व्यापारी (Grocery Trader) केमिकल युक्त नोट लेकर आरोपितों द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचा। जैसे ही सब इंस्पेक्टर और सिपाही ने रिश्वत के पैसे अपने हाथ में लिए, आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद खड़ी एंटी करप्शन टीम (Anti-Corruption Team) ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और रंगे हाथ दबोच लिया।

नोट छूते ही गुलाबी हुए हाथ

अधिकारियों ने बताया कि मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई है। बरामद नोटों पर पहले से ही विशेष केमिकल (फिनॉल्फ्थेलीन पाउडर) लगाया गया था। जैसे ही पकड़े गए पुलिसकर्मियों के हाथ पानी और रसायन के घोल से धुलवाए गए, उनके हाथ तुरंत गुलाबी हो गए, जो इस बात का पक्का वैज्ञानिक सबूत है कि उन्होंने ही पैसे पकड़े थे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि चौकी प्रभारी के इशारे पर सिपाही ही मुख्य रूप से पैसों की लेन-देन और डीलिंग को संभालता था। टीम ने दोनों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड्स और कुछ अन्य अहम दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है।

दूर तक पैदल चली टीम, चौकी में खलबली

इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एंटी करप्शन की टीम को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। भनक न लगे, इसलिए टीम के सदस्य काफी दूरी पहले ही गाड़ियों से उतर गए और पैदल चलकर मौके तक पहुंचे। जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, चौकी पर मौजूद कुछ अन्य पुलिसकर्मी वहां से खिसक गए। टीम ने उस निजी कमरे की भी बारीकी से तलाशी ली, जहां बैठकर यह पूरी डीलिंग होती थी। फिलहाल दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है और साथ ही विभागीय स्तर पर भी बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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