झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, रांची-लोहरदगा में दो दिन स्कूल बंद

खबर सार :-

चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से झारखंड के कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान का दौर शुरू हो चुका है। रांची और लोहरदगा के सभी स्कूलों को 2 दिन के लिए बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर, रांची-लोहरदगा में स्कूल बंद

खबर विस्तार : -

रांची: बंगाल की खाड़ी में बने भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से झारखंड का मौसम बदल गया है। बुधवार सुबह से ही राजधानी रांची समेत कई जिलों में बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

इस चक्रवात के कारण राज्यभर में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। एहतियात के तौर पर, रांची और लोहरदगा जिलों में 28 और 29 अक्टूबर के लिए किंडरगार्टन (KG) से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई स्थगित कर दी गई है। रांची में बुधवार सुबह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है; आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से तापमान में काफी गिरावट आई है। हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो सहित कई अन्य जिलों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने की खबर है।

सिंहभूम क्षेत्र में सबसे पहले दिखेगा असर

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए चक्रवात का असर सबसे पहले सिंहभूम क्षेत्र में देखने को मिलेगा। इसके बाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। चक्रवात 'अर्नब' बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंच गया।

रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने दिए जरूरी निर्देश

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के यानम के दक्षिण में, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करने की उम्मीद थी। इस दौरान हवा की गति 125–135 किमी/घंटा रहने और झोंकों के साथ इसके 150 किमी/घंटा तक पहुंचने का अनुमान था। मौजूदा मौसम को देखते हुए रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और जरूरी निर्देश जारी किए। बिजली आपूर्ति बाधित होने या जलभराव की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए, बिजली विभाग के कंट्रोल रूम और रांची नगर निगम की रैपिड रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट पर रखा गया है।

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लगभग आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन रद्द

चक्रवात के असर को देखते हुए रेलवे ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, झारखंड से होकर गुजरने वाली या वहां से शुरू होने वाली कम से कम आधा दर्जन ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज हवाओं और आंधी-तूफान के दौरान वे पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी बरतें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का ध्यान रखें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों और कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।

विभागों को तीन दिनों तक अलर्ट रहने के निर्देश

चक्रवात 'अर्नब' के कारण 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए, नगर निगम 'अलर्ट मोड' पर आ गया है। मौसम विभाग द्वारा 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद, मंगलवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि वे किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अगले तीन दिनों तक 24/7 हाई अलर्ट पर रहें। शहर के 53 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है, और हर जोन में दो 'क्विक रिस्पॉन्स टीमें' (QRT) तैनात की गई हैं। रात भर राहत और बचाव कार्य जारी रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं; हर जोन में स्वच्छता और बागवानी विभागों से एक-एक 'नाइट-शिफ्ट' टीम तैनात रहेगी।

जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी

नगर निगम ने निर्देश दिया है कि निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। जो पेड़ झुक गए हैं या लटक रहे हैं, उनकी पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। नदियों और बड़े नालों के जलस्तर पर भी नजर रखी जाएगी, और पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके, इसके लिए नालों की विशेष रूप से सफाई की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए JCB, सुपर-सकर मशीनें, स्किड लोडर और मोटर पंप जैसे जरूरी उपकरण तैयार रखे जाएंगे। नगर निगम का कंट्रोल रूम (1800-570-1235) अगले तीन दिनों तक 24/7 चालू रहेगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बेवजह यात्रा करने से बचें और तेज हवाओं व बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, नदियों और नालों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में, कृपया कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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