कृष्ण कुमार ने संभाली झांसी मंडल की कमान, विकास कार्यों और जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान को बताया प्राथमिकता

खबर सार :-

वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्ण कुमार ने झांसी मंडल के 63वें कमिश्नर के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त हुए विमल कुमार दुबे का स्थान लिया है।
झांसी मंडल के 63वें कमिश्नर बने कृष्ण कुमार, संभाला पदभार

खबर विस्तार : -

झांसी: झांसी मंडल को नया प्रशासनिक मुखिया मिल गया है। वर्ष 2010 बैच के अधिकारी कृष्ण कुमार ने सोमवार को मंडल के 63वें कमिश्नर के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने पिछले महीने के अंत में सेवानिवृत्त हुए विमल कुमार दुबे की जगह ली है। नया पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के समाधान को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं।

विकास कार्यों की प्रगति की ली जानकारी

कार्यभार संभालने से पहले नवनियुक्त कमिश्नर सबसे पहले सर्किट हाउस पहुंचे, जहां जिला अधिकारी गौरव राठी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन की चल रही विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। सर्किट हाउस के बाद वह कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और आधिकारिक रूप से अपना पद ग्रहण किया। इस दौरान झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम और मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

विभिन्न जिलों और विभागों में निभाई हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो कृष्ण कुमार ने गणित विषय से स्नातक (बीएससी) और मनोविज्ञान विषय में स्नातकोत्तर (एमए) की पढ़ाई पूरी की है। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों और विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह अलीगढ़ में अपर कमिश्नर रहने के साथ-साथ दिसंबर 2018 तक ग्रेटर नोएडा में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, फरवरी 2019 से जून 2023 तक उन्होंने लखनऊ में विभिन्न पदों पर कार्य किया। जून 2023 से अक्टूबर 2026 तक वह प्रदेश के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस दौरान वह सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी जैसी अहम जिम्मेदारियों को संभाल रहे थे।

पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कृष्ण कुमार ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट विकास को नई गति देने वाले हैं। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास होगा कि डिफेंस कॉरिडोर और बीड़ा जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।" उनका मानना है कि इन परियोजनाओं से इस पूरे भूभाग की आर्थिक स्थिति और विकास को एक नया आयाम मिलेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और प्रगति के रास्ते खुलेंगे। बुनियादी समस्याओं को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को राहत देना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। पेयजल संकट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी के माध्यम से विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र में सर्वे कर समस्याओं की जड़ तक पहुंचेगी और उनका स्थायी समाधान निकालेगी। इसके अलावा, शहर और मंडल के अन्य हिस्सों में यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। प्रशासनिक अमले को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें और तय समयसीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। अधिकारियों के साथ हुई पहली औपचारिक बैठक में उन्होंने कामकाज की गति और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाने की बात कही।

जनता की समस्याओं का समाधान करने की  होगी मुख्य चुनौती

झांसी मंडल उत्तर प्रदेश के प्रमुख प्रशासनिक मंडलों में शुमार है, जिसके अंतर्गत कई जिले आते हैं। यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ वर्तमान में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने इस क्षेत्र में कई बड़े निवेश और विकास कार्यों की घोषणा की है, जिनमें बीड़ा (बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र को औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। इससे पहले विमल कुमार दुबे इस मंडल के कमिश्नर के रूप में सेवाएं दे रहे थे, जो 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके कार्यकाल के पूरा होने के बाद अब प्रशासनिक कमान कृष्ण कुमार को सौंपी गई है, जिनके सामने इन बड़े प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा कराने और आम जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करने की मुख्य चुनौती होगी।

ये भी पढ़ेंः- झाँसी बार एसोसिएशन में आंतरिक कलह: पुलिस समझौते के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन

अन्य प्रमुख खबरें