सोशल मीडिया की चमक नहीं आई काम, फुलियाखुर्द में पवन साहू की पत्नी कोमल साहू चुनाव हारीं

खबर सार :-

शाहपुरा की फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत में पवन साहू की पत्नी कोमल साहू को सरपंच चुनाव में हार मिली। भगवतीलाल सोनी ने जीत दर्ज की।
फुलियाखुर्द चुनाव: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की पत्नी को झटका

खबर विस्तार : -

शाहपुरा: शाहपुरा तहसील की फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए हुए चुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर सक्रिय रहने वाले और अपनी डिजिटल पहचान के लिए जाने जाने वाले पवन साहू की चुनावी मुहिम को यहां बड़ा झटका लगा है। उनकी पत्नी कोमल साहू चुनावी मैदान में थीं, जिन्हें मतगणना के बाद केवल 277 मतों से संतोष करना पड़ा और वह तीसरे स्थान पर रहीं। इस परिणाम ने एक बार फिर सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जमीनी स्तर की चुनावी राजनीति के अंतर को स्पष्ट कर दिया है।

फुलियाखुर्द में चुनाव परिणाम

इस चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी भगवतीलाल सोनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1203 मत हासिल किए और सरपंच पद पर कब्जा जमाया। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कालूराम जाट को 797 वोट मिले। इस तरह भगवतीलाल सोनी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 406 मतों के अंतर से शिकस्त दी। फुलियाखुर्द का यह चुनाव सामान्य पंचायत चुनावों से अलग हटकर चर्चा में रहा क्योंकि इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय समीकरण आमने-सामने थे।

डिजिटल प्रचार और जमीनी हकीकत

पवन साहू ने अपनी पत्नी कोमल साहू के पक्ष में प्रचार की कमान संभाल रखी थी और उनके समर्थन में कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी फुलियाखुर्द पहुंचे थे। उनका मुख्य जोर गांव में बुनियादी सुविधाओं के विकास और पारदर्शी राजनीति पर था। हालांकि, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली व्यापक चर्चा वास्तविक मतदान में वोटों के रूप में तब्दील नहीं हो सकी। मतदाताओं ने अपने स्थानीय समीकरणों के आधार पर जनादेश दिया, जिससे यह साबित हुआ कि ऑनलाइन फैन फॉलोइंग चुनावी जीत की गारंटी नहीं होती।

हार के बाद विकास का संकल्प

चुनाव परिणाम आने के बाद पवन साहू ने पूरी विनम्रता के साथ जनता के फैसले को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि जनता जनार्दन का निर्णय सर्वोपरि है और वह इसका सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव हारने के बावजूद गांव के विकास को लेकर उनका संकल्प कमजोर नहीं पड़ा है। जिन विकासात्मक कार्यों को उन्होंने शुरू कराने की दिशा में प्रयास किए थे, उन्हें आगे भी पूरा करने का उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा। शाहपुरा तहसील के अंतर्गत आने वाली फुलियाखुर्द ग्राम पंचायत का यह चुनाव अपनी विशिष्ट प्रचार शैली के कारण खासी चर्चा में रहा था। मतदान के दौरान एक महिला मतदाता के फर्जी मतदान को लेकर भी विवाद सामने आया था, जिस पर पवन साहू की पुलिसकर्मियों के साथ कहासुनी हुई थी। हालांकि, उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को शांत करा लिया गया था।

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