भारत को एकजुट करने में सरदार पटेल की भूमिका अहम, पूर्व सरकारों पर लगे उपेक्षा के आरोप

खबर सार :-

सुल्तानपुर में सरदार पटेल जयंती समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने देश की एकता में उनके योगदान को सराहा और स्थानीय समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।
सरदार पटेल जयंती पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का बड़ा बयान, सुल्तानपुर में मूर्ति स्थापना पर दी नसीहत

खबर विस्तार : -

सुल्तानपुर: सुल्तानपुर जिले में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सूबे के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सरदार पटेल के योगदान और इतिहास पर चर्चा

समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने देश के एकीकरण में सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के निजाम की चालबाजियों को अपनी मजबूत रणनीति के दम पर खत्म कर उन्होंने देश को एकजुट किया। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ जोड़ने और देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों को हमेशा याद किया जाएगा।

पूर्व सरकारों पर लगाए गए गंभीर आरोप

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर सरदार वल्लभभाई पटेल को उचित सम्मान न देने का गंभीर आरोप भी लगाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंसाराम वर्मा ने की, जबकि इस आयोजन में क्षेत्रीय प्रभारी अविनाश पटेल और प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप सिंह सोनू समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान मंच पर विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेता भी मौजूद रहे।

स्थानीय समाज और नेताओं पर तीखी टिप्पणी

सुल्तानपुर के स्थानीय कुर्मी समाज को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि अभी तक किसी प्रमुख स्थान पर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकी है, जिसे उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। इस दौरान उन्होंने भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष आर.ए. वर्मा की ओर इशारा करते हुए शहर के किसी बड़े चौराहे पर प्रतिमा लगवाने का लक्ष्य तय करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रतिमा लगाने के खर्च के लिए डॉक्टर साहब अपनी फीस बढ़ाकर योगदान न दें। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा विधायक सीताराम वर्मा को भी अपने निशाने पर लिया।

राजनीतिक एकजुटता और सुप्रीम कोर्ट के नियमों का जिक्र

कैबिनेट मंत्री ने समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और अपना दल में बंटे हुए कुर्मी समाज को एकजुट होने का एक नया मंत्र दिया। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी दूरियां मिटाकर एक मंच पर आने की अपील की। हालांकि, लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी के चौराहों पर प्रतिमाएं लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद उन्होंने पटेल समाज को खुश करने के उद्देश्य से यह बड़ा बयान दिया है। कार्यक्रम के अंत में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शारदा प्रसाद मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद शर्मा और महासचिव सूर्यनाथ यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। उन्हें रियासतों के एकीकरण और आधुनिक अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना का श्रेय दिया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में उनकी प्रतिमाओं की स्थापना और राजनीतिक दलों द्वारा उन्हें अपने वैचारिक दायरे में शामिल करने के प्रयास अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

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