LUCKNOW : स्वच्छ वातावरण बनाएगा मियावाकी, पांच हजार लोग होंगे लाभान्वित

खबर सार :-

पिछले दिनों भैंसोरा में जिस पार्क को विकसित करने के लिए सरकारी अमला पहुंचा था, उनके जाने के बाद से ही वहां पर आसपास के युवकों ने खेलना शुरू कर दिया। पार्क की रखवाली कर रहे लोग भी यहां पहुंच गए और उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से खेलने से रोक दिया। यह बात साफ कर दी गई कि नंदनवन में लगाए जा रहे झूले छोटे बच्चों के लिए हैं।
LUCKNOW: भैंसोरा के नंदनवन में खेलने पर प्रतिबंध, बच्चों के लिए लगाए गए हैैं झूले

खबर विस्तार : -

लखनऊ, ग्राम भैंसोरा के आसपास हरित क्षेत्र और बच्चों के खेलने के लिए खेलने की जगह नहीं होने पर निगम की पहल पर एक पार्क बनाने का निर्णय लिया गया था। उम्मीद जताई गई थी कि इससे करीब पांच हजार लोगों को स्वच्छ हवा, टहलने की जगह और बैठने के अलावा छोटे बच्चों को झूले मिल जाएंगे। इस काम को काफी तेजी से पूरा किया गया, कुछ काम रोज हो भी रहे हैं। यह उपवन स्थानीय निवासियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी माना गया है।

यह भी पढें :  दिल्ली में 1 नवंबर से लागू होंगे संशोधित ग्रैप नियम, जानें किन वाहनों के प्रवेश पर लगेगी रोक

नगर विकास विभाग की है उपवन योजना 

इससे क्षेत्र के लगभग 5,000 लोगों को लाभ मिलने का दावा निगम का भी है। नागरिकों को सुबह-शाम टहलने, व्यायाम करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए अपने क्षेत्र में ही बेहतर स्थान उपलब्ध हुआ है। इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाने में 14 हजार पौधों से विकसित नंदन वन के जरिए हरियाली बनाई जा रही है। इसमे करीब 6,400 वर्ग मीटर क्षेत्र में एक पार्क विकसित किया जा रहा है। जिस मियावकी की बात चल रही है वह 4,000 वर्ग मीटर में इसी पद्धति से तैयार किया जा रहा है।

इसमें एक ओपन जिम और बच्चों के लिए झूलों लगाए गए हैं। कुछ काम अभी बाकी है। मियावाकी पद्धति से विभिन्न प्रजातियों के करीब 14,000 पौधों को यहां स्थान दिया जा रहा है। हालांकि, शहर में कई स्थानों पर मियावाकी पद्यति से पौधे लगाए जा रहे हैं। इसको नगर विकास विभाग की उपवन योजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इस पार्क में हरियाली बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभी कई मालियों के जरिए  पर्यावरण संरक्षण को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जाने हैं।

प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में होगा सहायक

इस प्रयास से शहर में हरियाली बढ़ेगी और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। इसके अलावा एक नयापार्क शहर की शोभा भी बढ़ाता रहेगा। दिल्ली की तरह यहां भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) प्रभावित होने लगा है। ऐेसे में प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए हरियाली बढ़ाने जैसे कदम उठाना जरूरी है। शहर के नगर विकास विभाग को इसीलिए सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का सहयोग रहा तो यह स्थान और सुंदर बनाने का आश्वासन निगम दे रहा है।

नंदन वन में चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाई जा चुकी है। लॉन, बच्चों के खेलने के लिए झूले, बैठने के लिए बेंच, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, सबमर्सिबल पंप, विद्युत साज-सज्जा और ओपन जिम तैयार किया जा चुका है। पार्क में कराए गए औद्यानिक कार्यों का तीन वर्ष तक देखभाल कराई जाएगी। लखनऊ नगर निगम की यह पहल हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को लेकर है।

इसमें नगरीय सुंदरीकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे में विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। भैंसोरा में विकसित यह उपवन विस्तारित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां पर पार्क के अंदर किसी को खेलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। फिलहाल पार्क में तैनात गार्ड को अधिकारियों की ओर से उद्देश्यों के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविध नहीं करने देने के निर्देश हैं।  

यह भी पढें :  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पलामू में नदियों को स्वच्छ बनाने की कोशिश, सर्वे कर रहे अधिकारी

अन्य प्रमुख खबरें