दसवें दीपोत्सव की तैयारियों में जुटी रामनगरी, पर्यटकों की आवक से होटल और होम स्टे की बुकिंग हुई फुल

खबर सार :-

अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। होटल और होम स्टे की अग्रिम बुकिंग पूरी हो चुकी है तथा स्थानीय व्यापार में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
अयोध्या दीपोत्सव 2026: रामनगरी में तैयारियां तेज, होटल और होम स्टे फुल

खबर विस्तार : -

अयोध्या: भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या अपने दसवें दीपोत्सव आयोजन के स्वागत के लिए प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर पूरी तरह से तैयार हो रही है। उत्तर प्रदेश सरकार, राज्य पर्यटन विभाग और अयोध्या विकास प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में श्रद्धालुओं के आवागमन, ठहरने और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित प्रबंधों को अंतिम रूप प्रदान किया जा रहा है। आयोजन के दौरान राम जन्मभूमि परिसर में दर्शन, सरयू तट की रोशनी और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुँचने का अनुमान है।

शहर में श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए आतिथ्य कारोबार में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की जा रही है। स्थानीय होटल संचालकों और गृह-आवास (होम स्टे) व्यवसायियों के पास दीपोत्सव के सप्ताह के लिए कमरों की भारी मांग आ रही है, जिससे अधिकांश व्यावसायिक स्थान अग्रिम रूप से आरक्षित हो चुके हैं।

कमरों की अग्रिम बुकिंग और आतिथ्य क्षेत्र का हाल

नए घाट स्थित रामप्रस्थ होटल के प्रबंधक लक्ष्मीकांत पांडे ने बताया कि उनके प्रतिष्ठान में 4 नवंबर से 8 नवंबर की अवधि के लिए सभी कक्ष पहले ही बुक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाहर से आ रहे श्रद्धालु शहर में की गई व्यवस्थाओं को लेकर संतोष व्यक्त कर रहे हैं और दीपोत्सव का प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए पर्यटकों में विशेष रुचि देखी जा रही है।

इसी तरह आवासीय सुविधाओं की बढ़ती मांग का असर होम स्टे इकाइयों पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। स्टेशन रोड स्थित अवध होम स्टे के संचालक अम्बरीश पाण्डेय के अनुसार, उनके यहाँ 2 नवंबर से 10 नवंबर तक के लिए सभी कमरे फुल हैं। उन्होंने बताया कि विकास प्राधिकरण और शासन के बीच बेहतर समन्वय रहने से पर्यटकों की आवाजाही और प्रवास को सुगम बनाने में मदद मिल रही है।

बुनियादी ढांचे में सुधार और मार्गदर्शन व्यवस्था

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड ओपी सैनी ने बताया कि बीते वर्षों की तुलना में इस बार सड़कों, पार्किंग स्थलों, घाटों और प्रकाश व्यवस्था के स्तर में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, स्थानीय पर्यटक गाइड श्रद्धालुओं को राम मंदिर और अन्य ऐतिहासिक-धार्मिक स्थलों की समुचित जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि आगंतुकों की यात्रा सुगम और व्यवस्थित रहे।

स्थानीय व्यापार पर दीपोत्सव का प्रभाव

धार्मिक आयोजन का सीधा सकारात्मक प्रभाव स्थानीय बाजार और कुटीर उद्योग पर भी देखने को मिल रहा है। मूर्तिकला एवं धार्मिक वस्तु विक्रेताओं के अनुसार, राम लला और हनुमान जी की प्रतिमाओं के साथ-साथ मिट्टी के दीयों और पूजन सामग्री की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों का मानना है कि पर्यटन गतिविधियों में विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर छोटे दुकानदारों, हस्तशिल्पियों और सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 में शुरू किया गया था। प्रत्येक वर्ष सरयू नदी के तट पर लाखों मिट्टी के दीपक जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया जाता है। इस वार्षिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। राम मंदिर निर्माण के बाद आयोजित हो रहे इन उत्सवों में श्रद्धालुओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

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