सरकारी अस्पतालों में बेडशीट और बैंडेज की आपूर्ति करेगा राज्य हथकरघा निगम, एसओपी जल्द

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बेडशीट, पिलो कवर और बैंडेज की आपूर्ति राज्य हथकरघा निगम और यूपिका के माध्यम से की जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में हथकरघा उत्पादों की आपूर्ति, बुनकरों को मिलेगा लाभ

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों के लिए उपयोग होने वाली बेडशीट, पिलो कवर और गॉज-बैंडेज जैसे हथकरघा उत्पाद स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किए जाएंगे। प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बुधवार को विधान भवन में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा हथकरघा विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड और यूपिका द्वारा उत्पादित हथकरघा उत्पादों की प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित कराने पर विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बुनकरों के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा

बैठक के दौरान मंत्री राकेश सचान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के स्थानीय बुनकरों एवं बुनकर सहकारी समितियों के आर्थिक स्वावलंबन के लिए सरकार कटिबद्ध है। इसी उद्देश्य के तहत सरकारी चिकित्सालयों में उपयोग होने वाली बेडशीट, तकिया कवर तथा गॉज एवं बैंडेज की खरीद राज्य हथकरघा निगम और यूपिका के माध्यम से की जानी तय की गई है। सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से जहां एक ओर राज्य के बुनकरों की आय में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों को पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय और मानक तय

इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और हथकरघा विभाग के अधिकारियों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राकेश सचान ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे उत्पादों के मानक एवं नमूने तत्काल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि हथकरघा निगम उन्हीं निर्धारित मानकों पर आधारित नए सैंपल तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को समय पर सौंप सके। इसके साथ ही चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे यूपिका एवं यूपी हैंडलूम्स के साथ आपूर्ति संबंधी सभी पहलुओं पर काम करें।

एसओपी और समझौता ज्ञापन पर जल्द होंगे हस्ताक्षर

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे आपूर्ति संबंधी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया को शीघ्रता से अंतिम रूप दें। जेम पोर्टल पर राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के तहत पूरी क्रय व्यवस्था को पारदर्शी व बाधा रहित बनाने पर भी जोर दिया गया है। बैठक में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर सहित राज्य हथकरघा निगम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सालयों के प्रतिनिधि तथा तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिन्होंने इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अपने विचार साझा किए और आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने और स्थानीय बुनकरों को सीधे सरकारी बाजारों से जोड़ने के लिए सरकार लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रही है। सरकारी विभागों द्वारा हथकरघा उत्पादों की सीधी खरीद से बुनकरों को बिचौलियों से राहत मिलती है और उनके उत्पादों की खपत के लिए एक निश्चित बाजार उपलब्ध होता है। इस दिशा में पहले भी कई स्तरों पर नीतिगत निर्णय लिए गए हैं, जिसके तहत अब स्वास्थ्य सेवाओं और वस्त्रोद्योग विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

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