जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगी ‘सिंगापुर सिटी’, उत्तर प्रदेश में औद्योगिक साझेदारी को मिलेगी नई उड़ान

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए जेवर एयरपोर्ट के पास सिंगापुर सिटी और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने पर चर्चा हुई।
जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होगी सिंगापुर सिटी, निवेश पर चर्चा

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वैश्विक निवेश को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वित्त एवं औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने होटल ताज पैलेस में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक सहयोग और आधुनिक शहरी विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

आधुनिक क्षेत्रों में साझेदारी पर विचार

बैठक के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सिंगापुर की कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे सेक्टरों को भी शामिल किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और सिंगापुर सिटी की स्थापना को लेकर दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल में बातचीत आगे बढ़ी।

औद्योगिक विकास और वैश्विक भागीदारी

मंत्री नन्दी ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। प्रदेश की मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियां निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए यह एक अनुकूल समय है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

जेवर एयरपोर्ट के आसपास नए अवसर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र ने निवेश के नए द्वार खोले हैं। इसी क्रम में प्रदेश सरकार ‘सिंगापुर सिटी’ विकसित करने की परिकल्पना पर काम कर रही है, ताकि सिंगापुर की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में कारोबार स्थापित करने और उसका विस्तार करने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें। उत्तर प्रदेश में निवेश के लिहाज से यह परियोजना मील का पत्थर साबित हो सकती है।

तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ

मंत्री नन्दी ने आगे कहा कि सिंगापुर ने तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक औद्योगिक व्यवस्था और वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में सिंगापुर की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का समन्वय दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित होगा। उत्तर प्रदेश में निवेश से न केवल आर्थिक समृद्धि को गति मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली, सीईओ कोक पिंग सून और एसबीएफ इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी उपस्थित रहे। इनके साथ ही यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के एमडी प्रशांत मुखर्जी, आईएचसीएल (टाटा ग्रुप) के एमडी एवं सीईओ पुनीत छतवाल और एग्रीकैप इंटरनेशनल के सीईओ विशाल विजय सहित अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश में निवेश की इस पहल से भविष्य में व्यापारिक संबंधों के और अधिक प्रगाढ़ होने की उम्मीद है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के आसपास के क्षेत्र को एक बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार इस क्षेत्र में देश और दुनिया के बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न हाईटेक टाउनशिप और औद्योगिक कॉरिडोर की योजनाओं पर काम कर रही है।

ये भी पढ़ेंः- सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की समस्याओं के समाधान पर जोर, लखनऊ में पी.पी.एस. एसोसिएशन का वार्षिक अधिवेशन आयोजित

अन्य प्रमुख खबरें