रोड नहीं तो वोट नहीं: शाहजहांपुर में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

खबर सार :-

शाहजहांपुर के बण्डा में 12 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क से परेशान आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने 2027 विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
बण्डा में बदहाल सड़क से आक्रोशित ग्रामीणों का 2027 चुनाव बहिष्कार का ऐलान

खबर विस्तार : -

शाहजहांपुर: शाहजहांपुर के बण्डा-बिलसण्डा हाईवे रोड पर स्थित पेट्रोल पंप से बिहार-रामनगर तक जाने वाली करीब 12 किलोमीटर लंबी सड़क की जर्जर स्थिति से नाराज होकर आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने शुक्रवार को चुनाव बहिष्कार करने की घोषणा कर दी है। प्राथमिक विद्यालय विहार रामनगर के सामने एकत्र होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने हाथों में बैनर लेकर "रोड नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद किया। इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी। यह सड़क क्षेत्र के विकास और आवागमन का एक महत्वपूर्ण जरिया है, जो पिछले कई वर्षों से अपनी बदहाली के कारण चर्चा में है।

वर्षों से बदहाल है मुख्य मार्ग

यह सड़क पिछले 7-8 सालों से पूरी तरह से उखड़ चुकी है और इस मार्ग पर जगह-जगह दो-दो फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं। बरसात के मौसम में यह पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे इस पर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। यह सड़क भौरखेड़ा खुर्द, कुंडरा, चिकटिहा और ढुकुरी बुजुर्ग सहित 10 से अधिक गांवों को जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग है। इसी रास्ते से होकर छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते हैं, किसान अपनी उपज मंडी तक पहुंचाते हैं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण इन सभी जरूरी कार्यों में भारी बाधा उत्पन्न होती है।

ग्रामीणों की पीड़ा और अधिकारियों की अनदेखी

बिहार-रामनगर के ग्रामीण रामलाल ने अपनी समस्या साझा करते हुए बताया कि यह रास्ता करीब 12 किलोमीटर का है, जो वर्तमान में पूरी तरह से उखड़ चुका है। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल पहुंचने में घंटों का समय लगता है और वे आए दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बरसात के दिनों में तो यहां के हालात और भी अधिक बदतर हो जाते हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होता है। कुंडरा के युवा किसान राजीव कुमार कुशवाह ने बताया कि ग्रामीण इस समस्या के समाधान के लिए कई बार ब्लॉक प्रमुख, विधायक और सांसद तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं। हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन मिले हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

चुनाव बहिष्कार का सामूहिक निर्णय

ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हाथों में पर्चे लेकर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के लिए तैयार किए गए बैनर पर स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि बण्डा-बिलसण्डा हाईवे रोड से लेकर बिहार-रामनगर तक की सड़क के निर्माण के लिए बार-बार कहने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा के चलते समस्त ग्रामवासी और क्षेत्रवासी मिलकर आगामी 2027 विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का यह सामूहिक कदम स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, क्योंकि अब वे सिर्फ आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। जब तक इस मार्ग का पक्का निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक उनका यह विरोध इसी प्रकार जारी रहने की संभावना है।

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