छेड़खानी के आरोप में हिरासत में लिए बुजुर्ग की मौत, थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

खबर सार :-

गुरसराय थाना क्षेत्र में बुजुर्ग की मौत के मामले में थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबल निलंबित किए गए। विभागीय जांच जारी है और पुलिस हिरासत की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
हिरासत में बुजुर्ग की मौत से हंगामा, विभागीय जांच शुरू

खबर विस्तार : -

झांसीः गुरसराय पुलिस स्टेशन इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिए गए 62 साल के राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी की फांसी लगाने की कोशिश के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) BBGTS मूर्ति ने गुरसराय के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO), एक सब-इंस्पेक्टर और दो कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। इन चारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस के मुताबिक, 9 अगस्त को सिंगार गांव के रहने वाले रामकुमार कुशवाहा और प्रमोद कुशवाहा ने राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी पर अपनी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शांति-व्यवस्था भंग होने की आशंका के चलते राजेंद्र को हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान, राजेंद्र ने पुलिस स्टेशन के रेस्ट-रूम में 'गमछे' (सूती तौलिये) से फांसी लगाने की कोशिश की। पुलिसकर्मी तुरंत उसे नीचे लाए और गुरसराय के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद, हालत गंभीर होने के कारण उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मानसिक तनाव का आरोप

परिवार वालों का कहना है कि छेड़छाड़ के आरोपों और अपने खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की वजह से राजेंद्र मानसिक तनाव में था। परिवार के अनुसार, राजेंद्र ने अपने बेटे को बताया था कि उसने लड़की को फूल तोड़ने पर सिर्फ डांटा था और वहां से भगा दिया था; इसी घटना की वजह से उस पर छेड़छाड़ का आरोप लगा था।

बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज

मृतक के बेटे विनय कुमार द्विवेदी की शिकायत के आधार पर गुरसराय पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।

चार पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

गुरसराय थाना क्षेत्र में हिरासत में लिए गए 62 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी की मौत के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए गुरसराय थाना प्रभारी निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और दो कांस्टेबल को निलंबित किया गया है। चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

वहीं, घटना के बाद पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि हिरासत में रखे गए व्यक्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि थाना परिसर में मौजूद व्यक्ति ने फांसी लगाने का प्रयास कैसे किया और उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक तो नहीं हुई।

जांच की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई से न्याय सुनिश्चित नहीं होगा। उनका मानना है कि मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

लोगों का कहना है कि पुलिस हिरासत में किसी व्यक्ति की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हिरासत में रखे गए व्यक्ति की निगरानी और उसकी सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी है। इसलिए इस मामले में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।

फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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