बेतवा नदी में राख के टापू पर खेला गया क्रिकेट, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए किया अनोखा प्रदर्शन

खबर सार :-
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पारीछा थर्मल पावर प्लांट की चिमनियों से उड़ने वाली राख के कारण आसपास के कई गांवों के लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वायु और जल प्रदूषण के कारण क्षेत्र में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और स्थानीय पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंच रहा है।
बेतवा नदी में राख के टापू पर खेला गया क्रिकेट, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए किया अनोखा प्रदर्शन
खबर विस्तार : -

झांसी: बुंदेलखंड की जीवनदायिनी मानी जाने वाली बेतवा नदी में बढ़ते प्रदूषण और पारीछा थर्मल पावर प्लांट द्वारा कथित रूप से राख के निस्तारण को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने बेतवा नदी में बने विशाल राख के टापू पर क्रिकेट मैच खेलकर शासन और प्रशासन का ध्यान इस गंभीर पर्यावरणीय समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।

मोर्चा का आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन संचालित पारीछा थर्मल पावर प्लांट में कोयले से बिजली उत्पादन के दौरान निकलने वाली राख और जले हुए तेल का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से प्लांट से निकलने वाली राख और अन्य अपशिष्ट सामग्री बेतवा नदी में प्रवाहित की जा रही है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है और जल प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही है।

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, नदी में लगातार जमा हो रही राख के कारण एक विशाल टापू का निर्माण हो गया है। इसी टापू पर संगठन के सदस्यों ने क्रिकेट खेलकर यह संदेश देने की कोशिश की कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नदी और पारीछा बांध के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि टापू इतना बड़ा हो चुका है कि वहां आराम से क्रिकेट मैच खेला जा सकता है।

मोर्चा ने इसे देश की संभवतः पहली ऐसी घटना बताया, जहां किसी नदी की मुख्य धारा के बीच राख से बने टापू पर क्रिकेट खेला गया हो। संगठन का कहना है कि यह केवल एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों को बचाने की दिशा में चेतावनी भी थी।

मोर्चा ने यह भी दावा किया कि बेतवा नदी में इस बड़े टापू के अलावा दो अन्य बड़े राख के टापू भी मौजूद हैं, जो वर्तमान में पानी के नीचे हैं। उनका कहना है कि जैसे ही बांध का जलस्तर कम होगा, वे भी पूरी तरह दिखाई देने लगेंगे। संगठन ने आशंका जताई कि यदि स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में पारीछा से लेकर हमीरपुर तक हजारों गांवों में पेयजल और सिंचाई का संकट गहरा सकता है।

बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए बेतवा नदी और पारीछा बांध को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र की कृषि व्यवस्था प्रभावित होगी और बड़ी मात्रा में भूमि बंजर होने का खतरा पैदा हो सकता है।

मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले को लेकर शीघ्र ही राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर करेंगे और बेतवा नदी तथा पारीछा बांध के संरक्षण के लिए सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग करेंगे।

राख के टापू पर खेले गए क्रिकेट मैच में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानु सहाय, महामंत्री अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, कोषाध्यक्ष वरुण अग्रवाल सहित संगठन के कई सदस्य शामिल रहे। वहीं दूसरी टीम में ग्राम पारीछा के स्थानीय युवाओं ने भाग लिया। इस अनोखे प्रदर्शन ने क्षेत्र में पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
 

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