गया जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सस्पेंड, लापरवाही और कैदियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप
खबर सार :-
बिहार गृह विभाग ने लापरवाही, कैदियों के साथ मिलीभगत और नियमों के उल्लंघन के आरोपों में गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है। आरोप सही पाये जाने पर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
खबर विस्तार : -
पटना: एक बड़े प्रशासनिक कदम के तहत, बिहार गृह विभाग ने गया सेंट्रल जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट सुदर्शन प्रसाद सिंह को सस्पेंड कर दिया है। उन पर लापरवाही, जेल के नियमों का उल्लंघन और कैदियों के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
गृह विभाग के जेल डिवीजन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विभागीय जांच पूरी होने तक सुदर्शन प्रसाद सिंह सस्पेंशन में रहेंगे। सस्पेंशन की अवधि के दौरान, मुजफ्फरपुर स्थित खुदीराम बोस सेंट्रल जेल को उनका मुख्यालय बनाया गया है। आदेश में उन पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें जेल परिसर से गांजा मिलने के बावजूद FIR दर्ज न करना, बिना इजाजत कैदियों और बाहरी लोगों के बीच मुलाकात करवाना, जेल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करना, जेल स्टाफ के साथ बुरा बर्ताव करना और कैदियों के साथ मारपीट या अमानवीय व्यवहार करना शामिल है।
तलाशी में कैदी के पास मिला था गांजा
यह मामला 16 जून को जेल के एक वार्ड में तलाशी अभियान के दौरान सामने आया। तलाशी के दौरान रमेश यादव (उर्फ सुमन यादव) नाम के एक कैदी के पास से कथित तौर पर गांजा बरामद हुआ था। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जेल सुपरिटेंडेंट ने डिप्टी सुपरिटेंडेंट को आरोपी कैदी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। गृह विभाग ने इसे ड्यूटी में घोर लापरवाही का मामला माना है।
विजिटर रजिस्टर में दर्ज नहीं किए नाम
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि सुदर्शन प्रसाद सिंह ने तय प्रक्रियाओं का पालन किए बिना अपने ऑफिस में कैदियों और उनके परिवारों या अन्य बाहरी लोगों के बीच मुलाकात करवाई। कई लोगों को बिना जरूरी सुरक्षा जांच के अंदर आने दिया गया और उनके नाम जेल के विजिटर रजिस्टर में दर्ज नहीं किए गए।
कैदियों के साथ मारपीट करने का आरोप
विभाग का कहना है कि सीनियर अधिकारियों की बार-बार मौखिक चेतावनी के बावजूद ये अनियमितताएं जारी रहीं। जेल स्टाफ ने भी उनके खिलाफ शिकायतें की हैं; आरोप है कि जब भी सुरक्षा कर्मियों ने सुरक्षा नियमों को लागू करने की कोशिश की, उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज की और आक्रामक व्यवहार किया। इसके अलावा, उन पर बिना किसी ठोस वजह के कैदियों के साथ मारपीट करने के भी आरोप हैं। गृह विभाग ने इन सभी आरोपों की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो सुदर्शन प्रसाद सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
ये भी पढ़ें: सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम-एसएसपी ने दिए...
अन्य प्रमुख खबरें
-
बारिश और हवा के कारण तापमान में गिरावट, कल तक गोमती का जलस्तर घटने की उम्मीद
2026-10-08
-
UP: दुकान में आग लगने से मां-बेटी की जलकर मौत
2026-10-08
-
MP में चीतों की संख्या 60 पहुंची, CM बोले- वन्यजीव हमारे वनों के आभूषण
2026-10-08
-
हिमाचल में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, 9 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
2026-10-07
-
कुमाऊं में महिलाएं बना रहीं रेशम का धागा, स्वरोजगार के खुले नए रास्ते
2026-10-07
-
यूपी में 20 IPS अफसरों का तबादला, रवीना त्यागी बनी बाराबंकी की नई एसपी
2026-10-07
-
वृंदावन के गुरुकुल में सेप्टिक टैंक साफ कर रहे 4 छात्रों की मौत
2026-10-07
-
इलाइट-शिवपुरी मार्ग बनेगा मॉडल रोड, सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी
2026-10-07
-
मध्य प्रदेश में मौसम सिस्टम सक्रिय, आज 16 जिलों में बारिश की संभावना
2026-10-07
-
MP के दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज दो चीते छोड़ेंगे सीएम मोहन यादव
2026-10-07
-
LUCKNOW नगर निगम देर से जागा, घर हो रहे अब तक खाली, kitchens तक पहुंचा पानी
2026-10-06
-
योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम
2026-10-06
-
Gujarat: भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत
2026-10-06
-
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
2026-10-06
-
झारखंड में दुर्गा पूजा के दौरान 6,000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
2026-10-06