बिहार के मुजफ्फरपुर में Internet Service Shutdown, जहानाबाद हिंसा में 15 गिरफ्तार

खबर सार :-

बिहार के मुजफ्फरपुर में अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद (Internet Service Shutdown) कर दी गई है। वहीं जहानाबाद हिंसा मामले में पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बिहार के मुजफ्फरपुर में Internet Service Shutdown, जहानाबाद हिंसा में 15 गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

पटना: बिहार के दो जिलों से बड़े प्रशासनिक कदम की खबर सामने आई है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए मुजफ्फरपुर जिला (Muzaffarpur District) प्रशासन की सलाह पर गृह विभाग ने इंटरनेट सेवा (Internet Service) को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, जहानाबाद में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई भीषण हिंसा के मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और वरिष्ठ अधिकारी खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

मुजफ्फरपुर के कई इलाकों में सोशल मीडिया पर पाबंदी

मुजफ्फरपुर शहर के टाउन-1 और टाउन-2 पुलिस अनुमंडल क्षेत्रों में इंटरनेट आधारित मैसेजिंग और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर रोक लगा दी गई है। गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, यह प्रतिबंध 24 जुलाई की दोपहर 12:30 बजे से शुरू होकर 26 जुलाई की सुबह 10:00 बजे तक लागू रहेगा।

जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की संयुक्त रिपोर्ट में यह अंदेशा जताया गया था कि कुछ असामाजिक तत्व फर्जी खबरों और भड़काऊ सामग्री के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी आशंका को ध्यान में रखते हुए फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे 24 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फोटो, वीडियो या टेक्स्ट मैसेज भेजने पर पाबंदी लगाई गई है। हालांकि, आम लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलती रहें, इसलिए सरकारी कार्यों से जुड़े इंटरनेट नेटवर्क को इस दायरे से बाहर रखा गया है।

जहानाबाद हिंसा: आईजी विकास वैभव ने संभाला मोर्चा

जहानाबाद में छात्र आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने खुद जहानाबाद पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उपद्रवियों ने प्रदर्शन की आड़ में सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया था और जिलाधिकारी आवास को भी निशाना बनाने की कोशिश की थी।

आईजी विकास वैभव ने पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और स्पष्ट कहा, "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और अधिकारियों पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

हवाई फायरिंग और पुलिसकर्मियों के घायल होने की पुष्टि

समीक्षा बैठक के बाद आईजी ने बताया कि उपद्रव के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को मजबूरी में हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। पुलिस ने अब तक वीडियो फुटेज, सीसीटीवी और प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्यों के आधार पर 15 मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। बाकी पहचान किए गए लोगों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग इलाकों में छापेमारी जारी है।

FAQ…

1. मुजफ्फरपुर में इंटरनेट सेवा क्यों बंद की गई है?

अफवाहों और भड़काऊ सामग्री के प्रसार को रोकने तथा जिले में शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की सिफारिश पर इंटरनेट सेवा बंद की गई है।

2. मुजफ्फरपुर में इंटरनेट पाबंदी कब तक लागू रहेगी?

यह प्रतिबंध 24 जुलाई की दोपहर 12:30 बजे से शुरू होकर 26 जुलाई की सुबह 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

3. किन-किन ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोक लगाई गई है?

फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स और इंस्टाग्राम समेत कुल 24 प्रमुख मैसेजिंग और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर फोटो, वीडियो या संदेश साझा करने पर रोक लगाई गई है।

 

इसे भी पढ़ेंः-मोदी कैबिनेट की पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी, 10 साल की सजा से करोड़ों रुपये के जुर्माने तक का प्रावधान

अन्य प्रमुख खबरें