पुलकसागरजी महाराज बोले- स्वयं बदलेंगे तभी समाज बदलेगा, 25 जुलाई को भीलवाड़ा में चातुर्मास प्रवेश

खबर सार :-

राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य पुलकसागरजी महाराज ने भीलवाड़ा में कहा कि आत्मपरिवर्तन से ही समाज और राष्ट्र में बदलाव संभव है। 25 जुलाई से चातुर्मास कार्यक्रम शुरू होंगे।
पुलकसागरजी महाराज बोले- स्वयं बदलेंगे तभी समाज बदलेगा, 25 जुलाई को भीलवाड़ा में चातुर्मास प्रवेश

खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पूज्य पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि जीवन में परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करनी होती है। जब तक व्यक्ति खुद बदलने का संकल्प नहीं लेता, तब तक कोई बाहरी शक्ति उसे नहीं बदल सकती। उन्होंने कहा कि चातुर्मास का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मपरिवर्तन और समाज में संस्कारों को मजबूत करने का माध्यम है।

गुरुवार को मंडपिया स्थित आरएसडब्ल्यूएम परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि भीलवाड़ा में वर्षों से चली आ रही चातुर्मास की भावना इस वर्ष पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा को चातुर्मास के लिए चुनने का प्रमुख कारण यहां की साम्प्रदायिक सद्भावना, मानवीय संवेदनाएं और श्रेष्ठ श्रोताओं की परंपरा है। उन्होंने कहा कि अच्छे श्रोता ही अच्छे वक्ताओं को तैयार करते हैं। वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में चातुर्मास के माध्यम से लोगों के दिलों को जोड़ने, आपसी प्रेम बढ़ाने और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

राष्ट्र, समाज और परिवार व्यवस्था पर होगा चिंतन

करीब 11 वर्ष के अंतराल के बाद तीसरी बार भीलवाड़ा पहुंचे पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि इस चातुर्मास में राष्ट्र, समाज और व्यक्ति के हित से जुड़े विषयों पर विशेष चर्चा होगी। भारतीय संस्कृति, परिवार व्यवस्था और राष्ट्र पुनर्निर्माण जैसे विषयों पर लोगों को चिंतन के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति से समाज, समाज से राष्ट्र और राष्ट्र से विश्व का निर्माण होता है। इसलिए परिवार रूपी नींव को मजबूत करना बेहद जरूरी है। संस्कारवान परिवार ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का आधार बनते हैं।

25 जुलाई को होगा चातुर्मासिक मंगल प्रवेश

पुलकसागरजी महाराज ने बताया कि 25 जुलाई को चातुर्मासिक मंगल प्रवेश कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 1 अगस्त को चित्रकूटधाम में गुरु गुणानुवाद कार्यक्रम होगा और 2 अगस्त को मंगल कलश स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 से 30 अगस्त तक ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन होगा। इसके अलावा नियमित प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से 10 बजे तक शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में आयोजित किए जाएंगे।

“सिर्फ इस्तीफे से नहीं, व्यवस्था सुधार से बदलेगी स्थिति”

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलकसागरजी महाराज ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा और क्षमता बहुत अधिक है, लेकिन उन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की बातों को सुनना चाहिए और उनके साथ कठोर व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल किसी व्यक्ति का इस्तीफा लेने से समस्याओं का समाधान नहीं होता। वास्तविक बदलाव के लिए व्यवस्था में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।

सन्यास की कोई निश्चित उम्र नहीं

सन्यास और दीक्षा के विषय पर उन्होंने कहा कि वैराग्य की भावना किसी भी समय जागृत हो सकती है। इसलिए सन्यास लेने के लिए कोई निश्चित उम्र निर्धारित नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि किसी बालक में आध्यात्मिक भावना जागृत होती है और वह दीक्षा लेना चाहता है तो उसे गलत नहीं समझना चाहिए। यह उसके जीवन को कल्याण के मार्ग पर ले जाने वाला निर्णय हो सकता है। संथारा पर उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि शांत भाव और आध्यात्मिक साधना के साथ जीवन का त्याग करने की प्रक्रिया है। उन्होंने इसे आत्मिक साधना का उच्च स्वरूप बताया।

भव्य राजशाही स्वागत की तैयारी

चातुर्मास संयोजक मनीष शाह ने बताया कि 25 जुलाई को सर्व समाज के सहयोग से पूज्य गुरुदेव का भव्य राजशाही स्वागत किया जाएगा। छह संतों और तीन क्षुल्लिकाओं के साथ मंगल प्रवेश शोभायात्रा शाम 4 बजे रामधाम से शुरू होगी। शोभायात्रा रामधाम से रवाना होकर रेलवे फाटक, स्टेशन चौराहा, गोल प्याऊ, नेताजी सुभाष मार्केट, सिंधुनगर और पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर होते हुए सूर्यमहल पहुंचेगी। आयोजन में ड्रोन से पुष्पवर्षा, नासिक का प्रसिद्ध ढोल बैंड, उज्जैन का महाकाल ताशा बैंड और पुष्कर के अंतरराष्ट्रीय नगाड़ा वादक नाथूसिंह सोलंकी की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही दिगम्बर जैन महिला मंडलों की ओर से देशभक्ति और धर्म संस्कृति पर आधारित सजीव झांकियां भी प्रस्तुत की जाएंगी।

श्रद्धालुओं के साथ जारी है विहार यात्रा

पुलकसागरजी महाराज का विहार गुरुवार सुबह हमीरगढ़ स्थित नितिन स्पिनर्स से शुरू हुआ और मंडपिया स्थित आरएसडब्ल्यूएम परिसर पहुंचा। विहार यात्रा में 100 से अधिक युवा श्रद्धालु धर्मध्वजा के साथ शामिल हुए। शुक्रवार को विहार शाह फार्म हाउस तक पहुंचेगा। इसके बाद शनिवार को जय विलास होटल से दोपहर 3 बजे यात्रा रवाना होगी और रामधाम चौराहे से होते हुए भीलवाड़ा नगर में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों ने बताया कि चातुर्मास के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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