संसद परिसर में ड्रामा करने वालों की गिरफ्तारी की मांग, वाराणसी में जुट रहा देश का संत समाज

खबर सार :-

संसद परिसर में कथित ड्रामा को लेकर पूरे देश में सनातनी एकजुटता दिखाई दे रही है। वाराणसी से ऐलान कर दिया गया है की कथित राम मंदिर चंदा चोरी मामले को गलत ढंग से प्रस्तुत करने वाले तथा सनातन का अपमान करने वाले लोगों को जेल में डाला जाए।
सनातन शंखनाद की हुंकार, सनातन विराधियों से आर-पार

खबर विस्तार : -

वाराणसी : संसद परिसर में कथित ड्रामा को लेकर पूरे देश में सनातनी एकजुटता दिखाई दे रही है। वाराणसी से ऐलान कर दिया गया है की कथित राम मंदिर चंदा चोरी मामले को गलत ढंग से प्रस्तुत करने वाले तथा सनातन का अपमान करने वाले लोगों को जेल में डाला जाए। इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। नुक्कड़ नाटक विरोध-प्रदर्शन के बाद पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ अखिल भारतीय संत समिति ने मोर्चा खोल दिया है। 

संत समाज के खिलाफ षड्यंत्र का अब जवाब दिया जाएगा

रविवार को यह ऐलान भी कर दिया गया है कि सनातन धर्म और साधु संत समाज के खिलाफ जो षड्यंत्र रचा जा रहा है, उसका अब जवाब दिया जाएगा। वाराणसी में इस संबंध में एक प्रेस वार्ता भी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि सनातन विरोधी ताकतों को कोई न कोई मौका और बहाना चाहिए। इस मामले में सनातन धर्म वाले बहुत से लोग भी आगे बढ़-चढ़कर अपनेे ही धर्म को अपमानित करते हैं। इसलिए ऐसी हरकतें अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इसी संकल्प के साथ सनातन शंखनाद अभियान की शुरुआत की जाएगी। 

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पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा है कि पूरे देश के संतों को एक किया जा रहा है। संतों ने अब अपनी दशकों की पुरानी चुप्पी तोड़ी है और वे सनातन धर्म के हर दुश्मनों का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान सरकार से मांग की है की संसद भवन परिसर में जिन लोगों ने ड्रामेबाजी की है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। 

करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को ठेस लगी

जगद्गुरु बालक दास ने भी अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान राम और सनातन धर्म का अपमान अक्षम्य है। जो सच्चा हिंदू है, वह इस कृत्य को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा इससे करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को ठेस लगी है। इनमें तनिक भी हिम्मत हो तो किसी और धर्म के खिलाफ ड्रामेबाजी करके दिखाएं। बालक दास ने चेतावनी दी है कि पुलिस पप्पू यादव को अगर गिरफ्तार नहीं करती है तो संत समाज इस लड़ाई को आगे बढ़ाएगा। समाज के लोग सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे। संत समाज ने राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। स्वामी जितेंद्र नंद ने इसी का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति में लोग साधु संत को ही अपना निशाना क्यों मनाते हैं? यह पूरे भारत में चल रहा है। इसमें उनकी लंबी चाल है। राजनीतिक फायदे के लिए संतों और भगवा का अपमान करना उनकी आदत बन गई है। 

पप्पू यादव को मिला उनके राजनीतिक अंत का स्वयं आमंत्रण 

उन्होंने कहा कि कभी रावण ने भी सीता हरण के लिए साधु के कपड़े पहने थे, उसका परिणाम उन्होंने भुगत लिया था। आज वही कपड़े पप्पू यादव ने पहने, संत समाज इससे आहत तो हुआ ही है, लेकिन जिस तरह से मजाक उड़ाने की कोशिश की है, उनके राजनीतिक अंत का स्वयं आमंत्रण है। अभियान को काशी विद्त परिषद ने भी अपना समर्थन दिया है। परिषद के महामंत्री प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री अशोक तिवारी ने पूरा साथ देने का वचन दिया है। प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखंड के महामंडलेश्वर अरुण दास महाराज जगतगुरु रामानंदाचार्य हंस देवाचार्य के उत्तराधिकारी मध्य प्रदेश से महंत हनुमान दास, छत्तीसगढ़ से स्वामी राधेश्याम दास तथा उत्तर प्रदेश से स्वामी रामानंद तीर्थ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान और भी कार्य योजनाओं पर मंथन किया गया। 2 नवंबर को राम मंदिर आंदोलन में मारे गए कार्य सेवकों की स्मृति में रुद्राभिषेक किया जाएगा। आगे यह तय किया जाएगा की संतो का अपमान करने वालों से किस तरह निपटा जाए। राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि संस्कृति संसद में देशभर से सभी परंपराओं के 3000 से अधिक संत यहां पर उपस्थित होंगे।

FAQ...

1. क्या संतों की मांग उचित है?

संत समाज उन लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। संतों का कहना है कि यह लोग सनातन विरोधी अभियान चला रहे हैं।

2. क्या यह आंदोलन गंभीर मोड़ पर है?

 सरकार के लिए दुविधा वाली स्थिति उत्पन्न हुई है। इसमें अदालत की प्रक्रिया भी मायने रखती है। गिरफ्तारी की मांग और गिरफ्तार करना दोनों अलग-अलग विषय हैं। संत खुद अपने आंदोलन की रूपरेखा बना रहे हैं। 

3. बनारस के बाहर से भी संत आ सकते हैं?

प्रेस वार्ता में इस बात की जानकारी दी है कि कई प्रदेशों के शीर्ष संत समाज के लोग यहां वाराणसी में पहुंचेंगे और सरकार से मांग करेंगे की संसद परिसर में नाटक करने वालों को गिरफ्तार किया जाए।

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