जयपुर के हाथीगांव पहुंचा चिकित्सकों का दल, गणेशोत्सव पर जाना हाथियों का हाल

खबर सार :-

जयपुर, गणेश चतुर्थी के अवसर पर जयपुर स्थित हाथीगांव में आज हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉक्टरों ने हाथी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने हाथियों के स्वास्थ्य, कल्याण और बेहतर देखभाल के लिए जरूरी दिशा निर्देश भी दिए।
गणेश चतुर्थी पर हाथीगांव आए डॉक्टर, शिविर में दी हाथी को दवा

खबर विस्तार : -

जयपुर: आज गणेश चतुर्थी पर पूरी दुनिया में भगवान गणेश की पूजा की जा रही है। इस विशेष अवसर पर हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन रखा गया है। इनके कल्याण और बेहतर देखभाल के लिए सोमवार से विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन वन विभाग की ओर किया गया।

शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से अनुभवी वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों को विशेष आमंत्रण पर बुलाया गया था। डॉक्टरों की टीम ने हाथियों का विधिवत स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस शिविर में 18 सितंबर तक हाथियों का इलाज जारी रहेगा। इस तिथि तक यहां डॉक्टरों की उपस्थिति भी रहेगी।

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डॉक्टरों ने हाथियों के लिए दवाएं भी दीं

शिविर को राजस्थान के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण प्रसाद के निर्देशन में आयोजित किया गया है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पहले हाथियों के सामान्य स्वास्थ्य का परीक्षण किया। इसमें शारीरिक स्थिति, पोषण, त्वचा, पैरों और खुरों सहित अन्य महत्वपूर्ण दिक्कतें शामिल की गई। इनके स्वास्थ्य से संबंधित सभी पहलुओं पर बाद में निगरानी पूरी की गई।

परीक्षण में जांच और दिक्कतों को गौर करते हुए आवश्यकता के अनुसार डॉक्टरों ने हाथियों के लिए दवाएं दीं। उनके भविष्य के स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया। इस विशेष शिविर में चिकित्सकों के दल में डॉ. ईश्वरन ईके, डॉ. मनोहरन, डॉ. अर्धरा क्षेत्री और डॉ. जितेन्द्र राजौरिया शामिल रहे। हाथियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को ही बुलाया गया था।

सेवाभाव के कारण सम्मानित हो चुके हैं चिकित्सक

 इन विशेषज्ञों के पास हाथियों एवं वन्यजीवों के स्वास्थ्य प्रबंधन की अच्छी जानकारी है। वन्यजीवों के बेहतर उपचार का अनुभव भी इनके पास काफी है। वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के लिए यह लोग सदैव प्रयत्न करते रहते हैं। सेवाभाव के कारण ही इनके योगदान को सराहा जा चुका है। विभिन्न स्तरों पर इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को सम्मानित भी किया जा चुका है।

गणेश चतुर्थी पर आयोजित किए गए विशेष कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक अनूप केआर, वन संरक्षक संग्राम सिंह कटियार, उप वन संरक्षक डॉ. आशीष व्यास, सहायक वन संरक्षक प्रहलाद सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी मालीराम प्रजापत तथा हाथीगांव कल्याण समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान की मौजूदगी रही। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारी एवं स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने शिविर की सफलता पर जताई खुशी

वन विभाग की ओर से हाथीगांव में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में हाथियों के स्वास्थ्य का परीक्षण करते समय डॉक्टरों ने हाथी के पोषण की व्यवस्था, उनके रहने के प्रबंध और स्वच्छता के साथ हाथी के विश्राम व व्यायाम को जरूरी बताया। इस दौरान इस बात पर भी बल दिया कि हाथी का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराना उचित रहता है। विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराकर हाथियों की चिकित्सा निगरानी सुनिश्चित होने पर अधिकारियों ने खुशी जताई।

वन विभाग का उद्देश्य हाथीगांव में हाथियों के लिए वैज्ञानिक, मानवीय और समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करना है। विभाग के अधिकारियों ने हाथियों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि इनके स्वास्थ्य, कल्याण और देखभाल के प्रति हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति भी कभी यहां आए थे

दरअसल, हाथीगांव देश का पहला ऐसा गांव है, जो 140 बीघा में फैला हुआ है। इस गांव में 75 हाथियों के घर बने हुए हैं। सरकार की ओर से यहां पर 2008 में गांव को बसवाया गया था। इसका उद्देश्य हाथियों का संरक्षण करना है। इस गांव में आज भी 350 साल पुरानी महावत परंपरा जीवित है। पूर्व में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन यहां आकर हाथी की सवारी करवाई है। हाथीगांव आने का समय सुबह 9 से शाम 5 बजे तक का निर्धारित है। वर्तमान में यह गांव एक बड़े टूरिस्ट हब के रूप में प्रसिद्ध हो चुका है। गांव में दूर-दूर से आए पर्यटक हाथियों की सवारी करते हैं। वह हाथी को नहलाने और खिलाने का आनंद लेते हैं। हाथी के साथ वीडियो बनाकर अपने साथ ले जाते हैं। 

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