मनभावन होगा सावन का सोमवार, मथुरा पहुंच रही एमपी की जयकार

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में सावन के सोमवार का उल्लास कई राज्यों तक फैला रहता है। यहां गजरौला और तिगरी क्षेत्र में गंगा का जल लेने के लिए कई प्रदेशों से श्रद्धालु आते हैं। उधर उत्तराखंड के हरिद्वार में भी कुछ ऐसा ही नजारा रहता है।
मनभावन होगा सावन का सोमवार, मथुरा पहुंच रही एमपी की जयकार

खबर विस्तार : -

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में सावन के सोमवार का उल्लास कई राज्यों तक फैला रहता है। यहां गजरौला और तिगरी क्षेत्र में गंगा का जल लेने के लिए कई प्रदेशों से श्रद्धालु आते हैं। उधर उत्तराखंड के हरिद्वार में भी कुछ ऐसा ही नजारा रहता है। हरिद्वार की गंगा में डुबकी लगाने के लिए निकटवर्ती प्रदेशों से हजारो लोग यहां पहुंचते हैं। यह ऐसा अवसर है, जिसमें पूरे एक महीने तक धार्मिक क्रियाएं देखी जाती हैं। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में भी इस बार धूम मचाने की तैयारी है। यहां प्रदेश सरकार  अपनी महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 196 तीर्थ यात्रियों का चयन कर उन्हें रवाना कर दिया है। योजना के अंतर्गत बालाघाट जिले के यह धार्मिक यात्री एक विशेष ट्रेन से भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा वृंदावन के लिए रवाना हो चुके हैं।

पुष्कर सिंह धामी ने आज सोशल मीडिया पर मंदिर का बखान किया

 बता दे कि उत्तराखंड देवभूमि के रूप में विख्यात है। प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति की विरासत के साथ-साथ धार्मिक स्थानो के कारण यहां लाखों यात्री प्रतिवर्ष पहुंचते हैं। धार्मिक अवसरों जैसे सावन के मौके पर यहां भगवान श्री राम को समर्पित रघुनाथ मंदिर के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सोशल मीडिया पर मंदिर का बखान किया है। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग में जहां अलकनंदा और भागीरथी नदियों का संगम है। वहीं यह प्राचीन मंदिर भी है। श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास के कारण यह हमेशा चर्चा में रहा है। सावन के मौके पर इस मंदिर की शोभा और भी बढ़ जाती है।

भगवान श्री राम ने यहां तपस्या की थी

मुख्यमंत्री ने अपील की है कि प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर यह पवित्र धाम का दर्शन आप जरूर करें। बताया जाता है स्कंद पुराण के केदार खंड में मिलता है की रावण वध के बाद ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान श्री राम ने यहां तपस्या की थी। यह भगवान विष्णु के 108 दिव्य रेशम में से एक है। वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में एक विशेष ट्रेन चलाई गई है। यह ट्रेन बालाघाट के अलावा जबलपुर एवं कटनी में चयनित तीर्थ यात्रियों को शामिल करेगी। जिस स्टेशन से ट्रेन चली वहां पर यात्रियों को 10 बजे पहुंचने के लिए कहा गया था। विशेष ट्रेन बालाघाट से प्रस्थान कर जबलपुर कटनी और मथुरा वृंदावन पहुंचेगी। यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। यह ट्रेन प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करने तक 28 जुलाई को वापसी करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस व्यवस्था पर निगरानी हैं रखते

सभी दर्शनार्थियों के लिए उनका पहचान पत्र जरूरी दस्तावेज रखने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिक एवं पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए यह व्यवस्था दी है। सावन के शुभारंभ से लेकर संपन्न होने तक तमाम तरह के धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में भी कांवरियों के स्वागत के लिए जगह-जगह पर पंडाल लगाकर भंडारे की व्यवस्था की जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस व्यवस्था पर निगरानी रखते हैं। तमाम रूटों पर बड़े वाहनों पर रोक रहती है। कई स्थानों पर डायवर्जन भी कर दिए जाते हैं। यहां तक की हेलीकॉप्टर के जरिए श्रद्धालुओं पर फूल भी बरसाए जाते हैं। सावन के पहले से ही तैयारियां षुरू हो गई हैं।

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