नई दिल्लीः श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। उन्होंने स्वयं इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी और कहा कि मंदिर में चढ़ावे को लेकर सामने आए आरोपों से देशभर के सनातनी श्रद्धालु आहत हैं।
अरविंद केजरीवाल ने अपने संदेश में कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि वह भगवान रामलला के दर्शन करने के लिए अयोध्या जाएंगे और मंदिर पहुंचकर इस पूरे प्रकरण को लेकर अपनी चिंता भी व्यक्त करेंगे। उनके इस दौरे को राजनीतिक और धार्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की बातें सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। केजरीवाल ने कहा कि यदि मामले में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी कथित चोरी के आरोपों के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई और यदि कोई दोषी है तो उसे कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है।
इस बीच, चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी जांच प्रक्रिया जारी है। मामले ने धार्मिक और राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण से संबंधित एक याचिका उच्च न्यायालय में दायर की गई है। याचिका में कथित चढ़ावा अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। साथ ही, मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से कराने की भी मांग की गई है।
बताया जा रहा है कि इस याचिका पर 22 जून को सुनवाई होने की संभावना है। इससे पहले 19 जून को समयाभाव के कारण मामले की सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब अगली सुनवाई में अदालत इस विषय पर महत्वपूर्ण निर्देश दे सकती है, जिस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
उधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं और एसआईटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप सकती है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता साबित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं, श्रद्धालु और आम नागरिक भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं।
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