कोविड-19 वैक्सीन और फर्टिलिटी: 60 हजार महिलाओं पर रिसर्च ने तोड़े इनफर्टिलिटी के मिथक, वैक्सीन सुरक्षित, फर्टिलिटी पर नहीं असर
खबर सार :-
यह अध्ययन साफ तौर पर साबित करता है कि कोविड-19 वैक्सीन महिलाओं की फर्टिलिटी को नुकसान नहीं पहुंचाती। 60,000 महिलाओं पर किए गए व्यापक विश्लेषण में गर्भधारण, जन्म दर और गर्भपात के मामलों में कोई नकारात्मक असर नहीं पाया गया। ऐसे में वैक्सीन को लेकर फैली अफवाहों से दूर रहकर वैज्ञानिक तथ्यों पर भरोसा करना जरूरी है।
खबर विस्तार : -
Covid-19 Vaccine Research: कोविड-19 महामारी के दौरान जहां एक ओर वैक्सीन ने लाखों जानें बचाईं, वहीं दूसरी ओर इससे जुड़ी कई भ्रामक और डर पैदा करने वाली अफवाहें भी सामने आईं। खासकर सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि कोविड वैक्सीनेशन से महिलाओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है और इससे इनफर्टिलिटी का खतरा बढ़ जाता है। अब इस मुद्दे पर एक बड़ी और विस्तृत स्टडी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
60,000 महिलाओं पर आधारित व्यापक अध्ययन
स्वीडन की लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी में सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर टॉमस टिम्पका के नेतृत्व में की गई इस रिसर्च में 18 से 45 वर्ष की लगभग 60,000 महिलाओं को शामिल किया गया। यह अध्ययन प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल कम्युनिकेशंस मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। शोध का उद्देश्य यह समझना था कि क्या कोविड-19 वैक्सीन, खासकर mRNA वैक्सीन, महिलाओं की फर्टिलिटी या गर्भावस्था पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव डालती है।

जन्म दर में गिरावट का सच क्या है?
महामारी के बाद के वर्षों में स्वीडन समेत कई देशों में जन्म दर में गिरावट देखी गई। इससे यह सवाल उठने लगा कि क्या इस गिरावट के पीछे कोविड वैक्सीनेशन की भूमिका है। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करने पर ऐसा कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया। प्रोफेसर टिम्पका के अनुसार, “हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि इस बात की संभावना बेहद कम है कि कोविड-19 के खिलाफ इस्तेमाल की गई mRNA वैक्सीन जन्म दर में आई कमी का कारण रही हो।”
वैक्सीनेटेड और नॉन-वैक्सीनेटेड महिलाओं में कोई अंतर नहीं
स्टडी में शामिल महिलाओं में से करीब 75 प्रतिशत को 2021 से 2024 के बीच एक या दो डोज कोविड वैक्सीन लग चुकी थी। रिसर्च के दौरान हेल्थ केयर रिकॉर्ड से शिशु जन्म, गर्भपात (मिसकैरेज), टीकाकरण और मृत्यु से जुड़े डेटा का विश्लेषण किया गया। नतीजों में पाया गया कि वैक्सीनेटेड और बिना वैक्सीन वाली महिलाओं के बीच गर्भधारण, सफल डिलीवरी या मिसकैरेज की दर में कोई खास अंतर नहीं था। टिम्पका ने स्पष्ट किया, “हमने सभी रजिस्टर्ड मिसकैरेज को देखा और दोनों समूहों के बीच कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया।”

पहली बार गर्भाधान पर फोकस
इस अध्ययन की एक खास बात यह रही कि इसमें सीधे तौर पर गर्भाधान और गर्भावस्था से जुड़े आंकड़ों को परखा गया। इससे पहले की ज्यादातर रिसर्च उन जोड़ों पर केंद्रित थीं जो इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट करवा रहे थे। इस नई स्टडी ने वास्तविक जीवन के बड़े डेटा सेट के जरिए ज्यादा व्यापक और भरोसेमंद तस्वीर पेश की है।
अन्य कारकों को भी किया गया शामिल
शोधकर्ताओं ने केवल वैक्सीनेशन ही नहीं, बल्कि उम्र, पहले से मौजूद बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारकों को भी ध्यान में रखा, जो गर्भधारण को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, कई अध्ययनों से यह पहले ही साबित हो चुका है कि कोविड संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, जबकि वैक्सीनेशन उस जोखिम को काफी हद तक कम करता है।
वैक्सीन के फायदे जोखिम से कहीं ज्यादा
प्रोफेसर टिम्पका का कहना है कि मौजूदा वैज्ञानिक सबूत पूरी तरह स्पष्ट हैं। “कोविड-19 के टीके गंभीर बीमारी से सुरक्षा देते हैं और उनके फायदे किसी भी संभावित जोखिम से कहीं ज्यादा हैं। जो महिलाएं परिवार शुरू करने की योजना बना रही हैं, उन्हें वैक्सीन को लेकर किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं रखनी चाहिए।”
अन्य प्रमुख खबरें
-
विश्व खाद्य दिवस पर FAO ने दिया नवाचार का संदेश, जानें इस साल की थीम
2026-10-16
-
सामुदायिक भवन के उपयोग की अनुमति नहीं मिलने पर भड़के लोग, निगम पहुंचकर महापौर से लगाई गुहार
2026-10-15
-
क्यों मनाया जाता है विश्व सफेद छड़ी दिवस? जानें इसका महत्व
2026-10-14
-
अमेठी के स्वास्थ्य विभाग का कारनामा , प्रमाण पत्र में अच्छी आंख को खराब बताया
2026-10-13
-
नवरात्र में घाटों के साथ मंदिर मार्ग खींचेंगे सभी का ध्यान, एबीसी सेंटर की क्षमता 132 से बढ़ाकर 300 होगी
2026-10-12
-
Nalanda: डीएम को अस्पताल के लिए खाली करानी होगी जमीन, 15 दिन का दिया गया ultimatum
2026-10-12
-
हर मिनट 4 महिलाओं को हो रहा ‘ब्रेस्ट कैंसर’, जानें बचाव के तरीके
2026-10-12
-
पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ रहे मामले, मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा मरीज
2026-10-10
-
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस आज, जानें इस दिन का महत्व
2026-10-10
-
163.71 करोड़ खर्च कर अयोध्या में बन रहा 300 बेड का अस्पताल, स्टॉफ के लिए बनाए जा रहे 64 आवास
2026-10-10
-
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को, जानें इस दिन का महत्व
2026-10-09
-
सरकार का बड़ा कदम, सस्ती होंगी कैंसर मरीजों की दवाएं
2026-10-09
-
लखनऊ में यूपीडाकॉन-2026: मधुमेह विशेषज्ञों का तीन दिवसीय महासम्मेलन
2026-10-08
-
यूपीएफएसडीए का बड़ा कदम: अस्पताल फार्मेसियों को बतानी होगी दवा की खरीद और बिक्री कीमत
2026-10-05
-
पानी की कमी से हो सकती हैं गंभीर बीमारियां, चक्कर आने पर कराएं जांच
2026-10-05