बिहार में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार, भारत सरकार के फर्जी टैग से करता था ठगी, टेस्ला समेत कई सामान जब्त
खबर सार :-
खगड़िया में खुद को IAS अधिकारी बताकर ठगी करने वाला मनीष कुमार गिरफ्तार। पुलिस ने फर्जी ID, टेस्ला, सरकारी टैग वाली टाटा सफारी, मोबाइल और कार्ड जब्त किए।
खबर विस्तार : -
खगड़िया: बिहार पुलिस ने रविवार को खगड़िया जिले में कार्रवाई करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर खुद को आईएएस अधिकारी बताकर ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को ठग रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने निजी वाहनों पर भारत सरकार से जुड़े फर्जी पहचान चिह्न और टैग लगाकर लोगों पर प्रभाव जमाता था और इसी पहचान के आधार पर उनसे पैसे वसूलता था।
आरोपी की गतिविधियों पर कुछ स्थानीय लोगों को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस में शिकायत की गई। शिकायतों के आधार पर खगड़िया के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ आईएएस अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने से संबंधित कई शिकायतें सामने आईं। इसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
खुद को CVC और NSA का एजेंट बताने का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) से जुड़ा होने का दावा किया। इतना ही नहीं, उसने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोवाल का गुप्त एजेंट होने की बात भी कही। पुलिस ने जांच के दौरान इन दावों को झूठा पाया। आरोपी के पास से एक फर्जी पहचान पत्र भी बरामद किया गया है, जिसमें उसे आईएएस अधिकारी के रूप में दर्शाया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कितने समय से किया और इसके जरिए किन-किन लोगों से संपर्क किया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसने किसी सरकारी कार्यालय या अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर किसी अन्य तरह की धोखाधड़ी तो नहीं की।
घर से विदेशी शराब और हिरण के सींग बरामद
पुलिस ने आरोपी के घर पर छापेमारी के दौरान करीब 31 लीटर विदेशी शराब बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा घर से दो हिरण के सींग भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, हिरण के सींग का कब्जे में पाया जाना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर मामला हो सकता है। पुलिस इन बरामद वस्तुओं के स्रोत और उनसे जुड़े कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है। शराब की बरामदगी को लेकर भी पुलिस अलग से कार्रवाई कर रही है। बरामद सामान को जब्त कर उसके संबंध में आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
टेस्ला और ‘भारत सरकार’ टैग वाली टाटा सफारी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक टेस्ला कार और ‘भारत सरकार’ का टैग लगी टाटा सफारी भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, टेस्ला कार अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और इसमें ऑटोमेटेड ड्राइविंग से जुड़ी सुविधाएं मौजूद हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन वाहनों की खरीद कैसे की गई और इनके लिए भुगतान किस स्रोत से किया गया। खासतौर पर कथित ठगी और आरोपी के वित्तीय लेनदेन की जांच के बीच वाहनों की खरीद को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। ‘भारत सरकार’ का टैग लगी टाटा सफारी को लेकर भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इसे किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया और क्या इसके जरिए वह आम लोगों को सरकारी अधिकारी होने का विश्वास दिलाता था।
पांच Apple फोन और 20 क्रेडिट कार्ड बरामद
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान आरोपी के पास से पांच Apple मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, अलग-अलग बैंकों के 20 क्रेडिट कार्ड, आठ डेबिट कार्ड और चार चेकबुक भी बरामद की गई हैं। पुलिस इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। मोबाइल फोन और लैपटॉप की डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए आरोपी के संपर्कों, बातचीत, बैंकिंग गतिविधियों और कथित ठगी से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
बैंक कार्ड और चेकबुक के आधार पर पुलिस आरोपी के वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के बैंक खातों में रकम कहां से आई और किन लोगों या संस्थाओं के साथ उसका वित्तीय संपर्क रहा है।
बिहार से बाहर और विदेशों में संपत्ति की भी जांच
पुलिस के मुताबिक, ऐसी जानकारी सामने आई है कि आरोपी की संपत्ति केवल बिहार तक सीमित नहीं हो सकती। उसके अन्य राज्यों और विदेशों में भी संपत्ति होने की खबरें हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की फिलहाल पुष्टि की जा रही है। जांच एजेंसी आरोपी की संपत्तियों, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी जुटा रही है। यदि दूसरे राज्यों या विदेशों में संपत्ति होने की पुष्टि होती है तो उससे जुड़े दस्तावेजों और धन के स्रोत की भी जांच की जाएगी।
फर्जी पहचान से आगे वित्तीय पहलुओं की जांच
पुलिस के अनुसार, मामला केवल फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करने तक सीमित नहीं है। जांच का दायरा आरोपी के वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों, वाहनों और कथित तौर पर लोगों से की गई ठगी तक बढ़ाया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कितने लोगों को प्रभावित किया और उससे कितनी रकम हासिल की। उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और बरामद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा अन्य सामान की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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