पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत के तहत पहला रजिस्ट्रेशन, कैशलेस इलाज का खुला नया रास्ता

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन बांकरा के कोतुलपुर में हुआ। योजना के तहत 1,950 बीमारियों और नी रिप्लेसमेंट का इलाज मिलेगा।
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत का पहला रजिस्ट्रेशन, कैशलेस इलाज शुरू

खबर विस्तार : -

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन रविवार को सफलतापूर्वक पूरा हो गया। बांकरा जिले के कोतुलपुर स्थित मेडिकेयर जनरल अस्पताल में योजना के तहत पहली मरीज की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही राज्य में लोगों के लिए कैशलेस और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के एक नए दौर की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन राज्य के स्वास्थ्य ढांचे के लिए महत्वपूर्ण कदम है। योजना के लागू होने से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि आर्थिक स्थिति अब गुणवत्तापूर्ण इलाज हासिल करने में बाधा नहीं बनेगी।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना वाली आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का नया रास्ता खुला है। योजना का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं के कारण किसी व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से वंचित होने से रोकना है।

नेताजी इंडोर स्टेडियम में हुआ योजना का शुभारंभ

इससे पहले रविवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मौजूद थीं। योजना के आधिकारिक शुभारंभ के बाद राज्य में इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। बांकरा जिले के कोतुलपुर स्थित मेडिकेयर जनरल अस्पताल में पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन इसी प्रक्रिया की पहली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

1,950 बीमारियों के इलाज की सुविधा

आयुष्मान भारत योजना के तहत पश्चिम बंगाल में अब 1,950 तरह की बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा लाभार्थियों को घुटना प्रत्यारोपण यानी नी रिप्लेसमेंट की सुविधा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान स्वास्थ्य बीमा योजना में करीब 1,700 बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध थी। अब इसे बढ़ाकर 1,950 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नी रिप्लेसमेंट की सुविधा आयुष्मान भारत के साथ-साथ राज्य की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत भी उपलब्ध होगी। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उपचार सुविधाओं का दायरा बढ़ने से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से राहत मिलने की उम्मीद है।

1.43 करोड़ परिवारों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में करीब 1.43 करोड़ परिवारों यानी लगभग 6 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक राज्य निवासी को भी योजना के तहत लाभ मिलने की बात कही गई है।

जो लोग केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आते, उनके लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना भी शुरू की है। सरकार के अनुसार, इस योजना से करीब 80 लाख राज्यवासियों को लाभ मिलने का दावा किया गया है। दोनों स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत देशभर के 38,604 अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इससे लाभार्थियों को उपचार के लिए अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

सस्ती दवाओं के लिए ‘अमृत फार्मेसी’ की पहल

राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सस्ती दवाइयां एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ‘अमृत फार्मेसी’ शुरू करने की भी पहल की है। इसके तहत राज्य के 10 सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर दवाइयां 50 से 80 फीसदी तक की छूट पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे मरीजों और उनके परिवारों पर दवाइयों के खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस संबंध में राज्य सरकार ने हिंदुस्तान लाइफकेयर लिमिटेड के तकनीकी निदेशक (ऑपरेशंस) बेनी जोसेफ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज कराने वाले लोगों को सस्ती दवाइयां और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराना है।

2018 में शुरू हुई थी आयुष्मान भारत योजना

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में वर्ष 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू की थी। हालांकि, पश्चिम बंगाल में पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान यह योजना लागू नहीं की गई थी। अब राज्य में आयुष्मान भारत के लागू होने के साथ केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के जरिए लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने की व्यवस्था शुरू हुई है।

बांकरा जिले के कोतुलपुर में आयुष्मान भारत के तहत पहले मरीज का रजिस्ट्रेशन इस नई व्यवस्था के जमीन पर उतरने का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। योजना के लागू होने के साथ राज्य में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है।

सरकार का कहना है कि आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, सस्ती दवाइयों के लिए ‘अमृत फार्मेसी’ की पहल से मरीजों को इलाज के साथ दवाओं के खर्च में भी राहत देने की कोशिश की जा रही है। इस तरह पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत और कोतुलपुर में पहले मरीज का सफल रजिस्ट्रेशन राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नए चरण की शुरुआत के रूप में सामने आया है।

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