नकली दवा रैकेट में एक और गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन से पूछताछ के बाद पकड़ा गया बालासुब्रमण्यन

खबर सार :-

नकली दवा रैकेट मामले में चेन्नई से बालासुब्रमण्यन गिरफ्तार हुआ है। मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन से पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात हो गई है।
नकली दवा रैकेट में सातवीं गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी

खबर विस्तार : -

बेंगलुरूः चेन्नई में नकली दवाओं के कथित रैकेट की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने एक और आरोपी बालासुब्रमण्यन को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या सात हो गई है। पुलिस के मुताबिक, बालासुब्रमण्यन की गिरफ्तारी मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन से पूछताछ के बाद सामने आए सुरागों और जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की गई।

पुलिस ने बताया कि प्रशांत रंजन से पूछताछ के दौरान कथित तौर पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और नकली दवाओं के निर्माण तथा वितरण की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली। इसी जानकारी के आधार पर जांच टीम ने बालासुब्रमण्यन तक पहुंच बनाई और उसे चेन्नई से गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद बालासुब्रमण्यन को सात दिन की SIT कस्टडी में भेज दिया गया है। जांच एजेंसी अब उससे कथित नेटवर्क, दवाओं के निर्माण, उनकी सप्लाई और वितरण से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।

डीएम फार्मा में प्रशांत रंजन का पार्टनर था आरोपी

जांच के अनुसार, बालासुब्रमण्यन चेन्नई में फार्मा कारोबार से जुड़ा था और फार्मास्युटिकल कंपनी 'डीएम फार्मा' में प्रशांत रंजन का पार्टनर बताया गया है। SIT को संदेह है कि नकली और संदिग्ध दवाओं के निर्माण तथा वितरण की पूरी प्रक्रिया में उसकी कथित भूमिका थी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में अलग-अलग आरोपियों की क्या भूमिका थी, दवाएं कहां तैयार की जाती थीं, उन्हें किस माध्यम से बाजार तक पहुंचाया जाता था और किन अस्पतालों, क्लीनिकों या फार्मेसी तक उनकी सप्लाई हुई।

अजरबैजान से भारत लौटते ही प्रशांत रंजन गिरफ्तार

इस मामले में SIT ने इससे पहले सोमवार को मुख्य आरोपी प्रशांत रंजन बाबू को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, वह अजरबैजान से भारत लौटा था। जांच एजेंसी का दावा है कि नकली दवाओं के नेटवर्क का खुलासा होने के बाद प्रशांत रंजन कथित तौर पर अजरबैजान चला गया था। SIT ने जांच के दौरान उसे वहां ट्रेस किया। इसके बाद जांच एजेंसी के दबाव और कार्रवाई के बीच वह भारत वापस लौटा और सोमवार सुबह बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। प्रशांत रंजन से पूछताछ के दौरान जांच टीम को कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है। इसी क्रम में बालासुब्रमण्यन की गिरफ्तारी हुई।

5 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध दवाएं जब्त

यह मामला बेंगलुरु में सामने आए नकली दवा घोटाले से जुड़ा है। जांच के दौरान 5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की कथित नकली, एक्सपायर हो चुकी और री-लेबल की गई दवाएं जब्त की गई थीं। इनमें जीवन रक्षक, ICU और कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं भी शामिल बताई गईं। SIT की जांच में कथित तौर पर सामने आया कि यह नेटवर्क 90 से अधिक अस्पतालों और क्लीनिकों तक खराब गुणवत्ता या संदिग्ध दवाओं की सप्लाई से जुड़ा था। मामले में एक स्थानीय फार्मेसी मालिक को भी गिरफ्तार किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा कर्नाटक से बाहर भी बढ़ाया गया। SIT ने कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में कई स्थानों पर छापेमारी की।

16 ड्रग लाइसेंस रद्द, आठ निलंबित

घोटाले की जांच के बीच कर्नाटक फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मामले से जुड़े रिटेलर्स, होलसेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने 16 ड्रग लाइसेंस रद्द किए हैं, जबकि आठ अन्य लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। निलंबित लाइसेंस में फाइजर का C&F (Carrying and Forwarding) डिपो भी शामिल बताया गया है। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर के अनुसार, संबंधित एजेंसी जांचकर्ताओं के साथ अपेक्षित सहयोग करने और जब्त दवाओं में मौजूद रासायनिक घटकों की लैब जांच के लिए आवश्यक रेफरेंस स्टैंडर्ड उपलब्ध कराने में कथित तौर पर विफल रही।

प्रभावित मरीजों का पता लगाने की कोशिश

मामले में सबसे गंभीर चिंता कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों तक संदिग्ध दवाओं की पहुंच को लेकर है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित मरीजों की पहचान करने और उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे दवाओं की पैकेजिंग और लेबल को सावधानी से जांचें। किसी दवा की पैकेजिंग संदिग्ध लगने या उस पर मौजूद QR कोड स्कैन नहीं होने की स्थिति में लोगों से ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को इसकी सूचना देने को कहा गया है। SIT की जांच फिलहाल जारी है और बालासुब्रमण्यन से पूछताछ के जरिए कथित नकली दवा नेटवर्क के संचालन, सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

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