यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्टार्टअप्स का नवाचार बना आकर्षण, 5 हजार से ज्यादा विजिटर्स ने देखा पवेलियन

खबर सार :-

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 में यूपी स्टार्टअप मिशन के पवेलियन में 60 स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार प्रदर्शित किए। तीन दिनों में 5 हजार से ज्यादा विजिटर्स पहुंचे।
UPITS-26 में छाया सरकार का यूपी स्टार्टअप मिशन

खबर विस्तार : -

ग्रेटर नोएडाः उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-26 (UPITS-26) में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का पवेलियन उभरते स्टार्टअप्स के नवाचार और तकनीकी समाधानों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्टार्टअप मिशन के बैनर तले प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे 60 स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद, तकनीक और इनोवेशन प्रदर्शित किए हैं। पवेलियन में आने वाले विजिटर्स की भी लगातार रुचि देखने को मिल रही है। पिछले तीन दिनों में 5,000 से अधिक लोग स्टार्टअप पवेलियन का दौरा कर चुके हैं।

यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि UPITS-26 के पवेलियन में कुल 60 स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया है। इनमें आईटी-आईटीईएस, हेल्थटेक, एडटेक, कृषि, डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स शामिल हैं। इन कंपनियों और संस्थानों से जुड़े स्टार्टअप्स ने ट्रेड शो में अपने उत्पादों और तकनीकी समाधानों को प्रदर्शित किया है।

अलग-अलग क्षेत्रों के स्टार्टअप्स ने पेश किए समाधान

स्टार्टअप पवेलियन में तकनीक आधारित अलग-अलग क्षेत्रों के इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं। आईटी और आईटीईएस से लेकर हेल्थटेक, एडटेक और कृषि क्षेत्र तक के स्टार्टअप्स ने अपने समाधान प्रदर्शित किए हैं। इसके साथ ही डीपटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े स्टार्टअप्स की भागीदारी भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। पवेलियन में पहुंच रहे विजिटर्स स्टार्टअप्स के उत्पादों और तकनीकी समाधानों को करीब से देख रहे हैं। वे फाउंडर्स से उनके उत्पादों की उपयोगिता, तकनीक और काम करने के तरीके के बारे में जानकारी भी ले रहे हैं। स्टार्टअप्स के लिए यह आयोजन अपने उत्पादों को व्यापक दर्शकों के सामने पेश करने और संभावित कारोबारी अवसर तलाशने का मंच भी बना है।

भारत इनोवेट्स के छह स्टार्टअप्स भी शामिल

यूपी स्टार्टअप मिशन के पवेलियन में भारत इनोवेट्स के लिए चयनित छह स्टार्टअप्स ने भी भागीदारी की है। इन स्टार्टअप्स ने ट्रेड शो में अपने नवाचारों को प्रदर्शित किया। इसके अलावा यूपी स्टार्टअप फंड से वित्त पोषित छह स्टार्टअप्स ने भी अपने उत्पाद और तकनीकी समाधान पेश किए। इससे पवेलियन में स्टार्टअप इकोसिस्टम के अलग-अलग स्तरों पर विकसित हो रहे नवाचारों को एक साथ देखने का अवसर मिल रहा है। विजिटर्स के अलावा उद्योग जगत से जुड़े लोगों की भी स्टार्टअप्स में रुचि दिखाई दे रही है।

एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के सीईओ ने किया संवाद

स्टार्टअप पवेलियन में एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी के सीईओ संदीप कुमार ने भी स्टार्टअप फाउंडर्स से संवाद किया। उन्होंने विभिन्न स्टार्टअप्स के काम और उनके नवाचारों के बारे में जानकारी ली। संवाद के दौरान उन्होंने स्टार्टअप फाउंडर्स को प्रोत्साहित किया और उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस तरह के संवाद से स्टार्टअप्स को उद्योग जगत के अनुभवी लोगों के सामने अपने उत्पाद और तकनीकी क्षमताएं प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

डीपटेक और रक्षा तकनीक पर भी फोकस

सुमित महाजन ने बताया कि ट्रेड शो में रक्षा तकनीक और डीपटेक से जुड़े नवाचार भी विजिटर्स के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इनमें आईआईटी कानपुर से जुड़ा डीपटेक स्टार्टअप मराल एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड का सौर ऊर्जा से संचालित अल्ट्रा लॉन्ग एंड्योरेंस यूएवी ‘तेजस्वान’ प्रमुख है। बताया गया है कि ‘तेजस्वान’ एक फिक्स्ड विंग विमान है, जो सौर ऊर्जा और बैटरी के संयोजन से संचालित होता है। यह लगातार करीब 12 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम बताया गया है। ड्रोन में जीपीएस स्पूफिंग-रोधी नेविगेशन और मल्टी-बैंड रेडियो आधारित इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर हार्डनिंग जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है।

‘तेजस्वान’ की रेंज करीब 150 किलोमीटर बताई गई है, जिसे आवश्यकता के अनुसार 250 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इसका टेक-ऑफ वजन 60 किलोग्राम से कम है और यह 5 किलोग्राम तक पेलोड ले जा सकता है। इसकी अधिकतम गति 25 मीटर प्रति सेकंड बताई गई है। उड़ान भरने के लिए करीब 200 मीटर रनवे की आवश्यकता होती है। इस यूएवी का इस्तेमाल निगरानी, संचार, लक्ष्य निर्धारण, समुद्री निगरानी तथा खोज एवं बचाव अभियानों जैसे कार्यों में किए जाने की बात कही गई है।

‘काल’ ड्रोन ने भी खींचा ध्यान

रक्षा तकनीक के क्षेत्र में ‘काल’ ड्रोन भी ट्रेड शो में विजिटर्स की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। इसे वन-वे अटैक ड्रोन प्रणाली के तौर पर प्रदर्शित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह करीब 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है और 7 से 8 घंटे तक उड़ान में रहने में सक्षम बताया गया है। ‘काल’ का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 200 किलोग्राम बताया गया है। इसमें 50 किलोग्राम तक का हाई-एक्सप्लोसिव वारहेड ले जाने की क्षमता होने की जानकारी दी गई है। इसकी क्रूज गति करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है।

रक्षा क्षेत्र से जुड़े इन तकनीकी प्रदर्शनों के साथ-साथ हेल्थटेक, कृषि, शिक्षा और आईटी क्षेत्र के स्टार्टअप्स की मौजूदगी ने UPITS-26 के स्टार्टअप पवेलियन को विविध तकनीकी नवाचारों का मंच बना दिया है। तीन दिनों में 5,000 से अधिक विजिटर्स का पवेलियन तक पहुंचना भी स्टार्टअप्स के उत्पादों और तकनीकी समाधानों में लोगों की रुचि को दर्शाता है।

नवाचारों को बाजार से जोड़ने का मंच

UPITS-26 में स्टार्टअप मिशन का पवेलियन प्रदेश में विकसित हो रहे नए उत्पादों और तकनीकी समाधानों को एक बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दे रहा है। अलग-अलग सेक्टर के 60 स्टार्टअप्स की भागीदारी से यहां तकनीक, उद्यमिता और नवाचार की विविध तस्वीर देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में पवेलियन में उद्योग जगत, निवेशकों और अन्य विजिटर्स की भागीदारी के साथ स्टार्टअप्स के लिए नए कारोबारी और तकनीकी संवाद के अवसर बनने की उम्मीद है।

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