संसद में गरजीं प्रियंका गांधी, युवाओं पर लाठीचार्ज और पेपर लीक को लेकर सरकार को घेरा

खबर सार :-

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और छात्रों पर हुए बल प्रयोग को लेकर जवाब मांगा।
संसद में गरजीं प्रियंका गांधी, युवाओं पर लाठीचार्ज और पेपर लीक को लेकर सरकार को घेरा

खबर विस्तार : -

Priyanka Gandhi Vadra : संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में इन दिनों देश के भविष्य यानी युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जोरदार बहस छिड़ी हुई है। इसी कड़ी में कांग्रेस की फायरब्रांड नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कई कड़े सवाल खड़े किए हैं। सदन के भीतर एंटी-पेपर लीक विधेयक पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने सीधे तौर पर देश की कानून-व्यवस्था और शासन प्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगाए हैं। उनका यह आक्रामक रुख देश की राजधानी से लेकर दूर-दराज के गांवों तक चर्चा का विषय बन गया है।

युवाओं पर बल प्रयोग को लेकर सरकार से तीखे सवाल

चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) ने सत्ता पक्ष को घेरते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई थी कि अपनी मांगें उठा रहे छात्रों पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और यहां तक कि पेलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ गया। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि जो युवा अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे, क्या वे देश के दुश्मन या आतंकवादी थे। उन्होंने सरकार से यह भी साफ-साफ बताने को कहा कि आखिर इन युवाओं पर बल प्रयोग करने का फरमान किसने जारी किया था।

अस्पताल के उस दर्दनाक वाकया का किया जिक्र

अपनी बात को और मजबूती देते हुए कांग्रेस सांसद ने सदन में उस घटना का भी जिक्र किया जब वे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक पीड़ित छात्रा से मिलने गई थीं। उन्होंने बताया कि पुलिसिया कार्रवाई की वजह से वह लड़की आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। जब वे वहां पहुंचीं, तो उस बच्ची की मां का दर्द देखकर किसी का भी कलेजा फट जाए। उस मां ने हाथ जोड़कर यह कहते हुए मिलने से मना कर दिया था कि सुबह से बड़े-बड़े नेता आ रहे हैं, वीडियो बना रहे हैं और जिन लोगों की वजह से उनकी बेटी की यह हालत हुई है, वे भी सहानूभूति दिखाने पहुंच रहे हैं। इस वाकया को साझा करते हुए सदन का माहौल भी काफी गमगीन हो गया।

परीक्षा व्यवस्था की विफलता और पेपर लीक का काला सच

सिर्फ बल प्रयोग ही नहीं, बल्कि रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में फैली धांधली को भी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi Vadra) ने पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में देश के भीतर कुल मिलाकर डेढ़ सौ से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करोड़ों मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में पेपर लीक होने के बावजूद इस काले कारोबार को चलाने वाले माफियाओं में से एक को भी अब तक सजा नहीं मिल पाई है। उन्होंने अंत में कहा कि सरकार आखिरकार देश के नौजवानों से इतनी क्यों घबराई हुई है और उन्हें न्याय देने के बजाय उनकी आवाज को कुचलने का प्रयास क्यों किया जा रहा है।

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