प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू किया ये अभियान बोले- 'देश के लिए नशा मुक्त युवा जरूरी'

खबर सार :-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के शुभारंभ पर कहा कि दुश्मन देश ड्रग्स के जरिए भारत के युवाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ जन आंदोलन चलाने और परिवारों को जागरूक रहने की अपील की।
दुश्मन देश ड्रग्स से भारत को कमजोर करना चाहते हैंः PM मोदी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वाले दुश्मन देश अवैध ड्रग्स की तस्करी के माध्यम से देश के युवाओं को निशाना बना रहे हैं और यह भारत को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार केवल अवैध कमाई का जरिया नहीं है, बल्कि यह आतंकवादी एजेंडे से भी जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के शुभारंभ के अवसर पर देशभर के युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

ड्रग्स का कारोबार आतंकवादी एजेंडे का हिस्सा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के दुश्मन देश ड्रग्स की सप्लाई करके देश की युवा शक्ति को कमजोर करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों और आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने में भी किया जाता है। उन्होंने कहा, "ड्रग्स की सप्लाई से मुनाफा कमाना और हमारे जैसे देश को बर्बाद करने की कोशिश करना भी उनके आतंकी एजेंडे का हिस्सा है। इसलिए हमें हर युवा को नशे की लत से बचाना है।"

प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता को नशे की वजह से बर्बाद न होने दें। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और यदि युवा सुरक्षित, स्वस्थ और जागरूक रहेंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा।

नशे से सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे देश को नुकसान

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है तो उसका नुकसान केवल उस व्यक्ति या उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा देश उसकी कीमत चुकाता है। उन्होंने कहा कि हर युवा देश की ताकत है। यदि वही नशे का शिकार हो जाए तो उसका सपना टूटता है, परिवार टूटता है और राष्ट्र की ऊर्जा भी कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि नशा समाज और अर्थव्यवस्था दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ड्रग्स कुछ समय के लिए उत्साह या नशे का एहसास जरूर कराते हैं, लेकिन लंबे समय में यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, करियर और परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं।

परिवारों से बच्चों पर नजर रखने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने अभिभावकों और परिवारों से अपने बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते संकेत पहचान लिए जाएं तो बच्चों को नशे की लत से बचाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा अचानक खोया-खोया रहने लगे, लोगों से दूरी बनाने लगे, अपने कमरे में अधिक समय बिताने लगे, देर रात घर लौटने लगे या बार-बार बिना कारण पैसे मांगने लगे तो यह चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे मामलों में परिवार को डांटने या छिपाने के बजाय संवेदनशीलता से बात करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारों में खुलकर संवाद का माहौल होना चाहिए ताकि बच्चे अपनी समस्याएं साझा कर सकें और गलत संगति या नशे की ओर बढ़ने से पहले उन्हें सही मार्गदर्शन मिल सके।

नशा छुड़ाने के लिए मदद लेने में न करें संकोच

प्रधानमंत्री ने नशा मुक्ति और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई परिवार सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से समस्या को छिपाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी को नशे की लत है तो उसे विशेषज्ञों, डॉक्टरों और काउंसलरों की मदद दिलाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज और परिवार का सहयोग किसी भी व्यक्ति को नई जिंदगी दे सकता है।

नशे के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान तभी सफल होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें भागीदारी निभाएगा। उन्होंने युवाओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, अभिभावकों और नागरिकों से इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना, उन्हें खेल, शिक्षा, नवाचार और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से भारत को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से आसपास के युवाओं को जागरूक करने, नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और हर नागरिक की भागीदारी से यह अभियान देशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

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